रांची : प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कांग्रेस पर धर्म के आधार पर संसाधनों का बंटवारा करने का आरोप लगाया है। मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कांग्रेस के खिलाफ खुलकर अपनी चिंता जाहिर की है। कहा है कि कांग्रेस ने पहले देश के संसाधनों पर एक विशेष समुदाय के लोगों का ‘पहला हक’ बताया था और अब कर्नाटक में सरकारी टेंडरों में उन्हें चार प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव पारित कर चुकी है।
बाबूलाल मरांडी का आरोप
बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस की इस नीति पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा, “यह सिलसिला सिर्फ ठेकेदारी तक सीमित नहीं रहेगा। कांग्रेस शासित राज्यों में अब धर्म के आधार पर संसाधनों का भी बंटवारा तय किया जाएगा।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हवाला देते हुए कहा है कि नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव के दौरान देश की जनता को चेताया था कि “अगर कांग्रेस सत्ता में आई, तो महिलाओं के मंगलसूत्र तक छिन जाएंगे।” इसके साथ ही मरांडी ने दावा किया है कि पीएम मोदी के नेतृत्व और जनसमर्थन के चलते कांग्रेस अपने मंसूबों में सफल नहीं हो पाई है।
झारखंड की गठबंधन सरकार पर निशाना
मरांडी ने झारखंड सरकार पर भी हमला करते हुए कहा है कि झारखंड की कांग्रेस-झामुमो गठबंधन की सरकार भी राज्य में इसी तर्ज पर सरकारी टेंडरों का बंटवारा कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के तहत संविदाएं अघोषित रूप से खास वर्गों में बांटी जा रही हैं, जबकि बहुसंख्यक समाज के संवेदकों को हाशिए पर धकेला जा रहा है।
कांग्रेस का जवाब और भाजपा का रुख
कांग्रेस ने मरांडी के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए इसे राजनीतिक बयानबाजी करार दिया है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार के सभी फैसले समानता और पारदर्शिता के साथ लिए जा रहे हैं। वहीं, भाजपा ने कांग्रेस की इस नीति को ‘वोट बैंक राजनीति’ करार देते हुए दावा किया है कि कांग्रेस धर्म के आधार पर संसाधनों का बंटवारा कर देश को धर्म आधारित राजनीति की ओर ले जा रही है।

