रांची : झारखंड में शहरी गरीबों को किफायती आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र प्रायोजित प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के लिए 1 सितंबर 2024 की कट ऑफ डेट निर्धारित किया गया है। यानी इस तिथि के पहले से नगर निगम या नगर निकाय क्षेत्र में जो योग्य लाभुक निवास कर रहे हैं उन्हें पीएम आवास 2.0 से दिया जाएगा। इस योजना के तहत लाभुकों के चयन, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया से जुड़े विस्तृत प्रावधान तय किए गए हैं। नगर विकास विभाग ने इसकी स्वीकृति प्रदान कर दी है। गाइडलाइन नगर निकायों को भेजी जा रही है। सभी बेघरों को आवास देने का लक्ष्य निकायवार तय किया जाएगा।
बता दें कि हाल ही में पीएम आवास योजना शहरी 2.0 शुरू किए जाने को झारखंड कैबिनेट से भी मंजूरी मिल चुकी है। नगर विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिन लाभुकों के आवास पूर्व में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत स्वीकृत हुए थे, लेकिन 31 दिसंबर 2023 के बाद केंद्र सरकार की केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति द्वारा उनकी स्वीकृति निरस्त कर दी गई, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
पीएम आवास के लिए लाभुकों के चयन हेतु जिला दंडाधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी। इसमें नगर आयुक्त, कार्यपालक पदाधिकारी और दो गैर-सरकारी जनप्रतिनिधि शामिल किए जा सकेंगे। बता दे की 2029 तक भारत सरकार का सभी को आवास देने का लक्ष्य है। झारखंड में भी और 50000 लोगों को आवास देने का टारगेट फिक्स किया जा रहा है।
कौन होंगे पात्र
योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलेगा जो 1 सितंबर 2024 से पहले संबंधित शहरी क्षेत्र के निवासी हों। लाभुक के पास शहरी क्षेत्र में निवास का वैध प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और बैंक खाता होना अनिवार्य होगा। जिन परिवारों के पास स्वयं की भूमि है, वे लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण घटक के तहत आवेदन कर सकेंगे। भूमि स्वामित्व के दस्तावेज जमा करना जरूरी होगा। भूमिहीन परिवारों को राज्य सरकार उत्तराधिकारी के नाम गैर-हस्तांतरणीय भूमि अधिकार पत्र उपलब्ध करा सकती है। जिन लाभार्थियों को पिछले 20 वर्षों में केंद्र या राज्य सरकार की किसी भी आवास योजना के तहत घर मिल चुका है, वे इस योजना के पात्र नहीं होंगे। आवेदन के समय लाभुक से शपथ-पत्र भी लिया जाएगा।
मांग सर्वेक्षण के बाद आवेदन
शहरी स्थानीय निकायों द्वारा मांग सर्वेक्षण कराया जाएगा। इसके आधार पर आवास की आवश्यकता तय कर आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। लाभुक एकीकृत वेब पोर्टल पर पंजीकरण कर आवेदन कर सकेंगे और स्थानीय निकाय पात्रता का सत्यापन करेंगे।
योजना के अंतर्गत लाभुक केवल एक ही घटक का लाभ ले सकेंगे। नगर निकाय की जमीन पर बसे स्लम परिवारों को भागीदारी में किफायती आवास घटक के तहत शामिल किया जाएगा।

