
जमशेदपुर : बिष्टुपुर में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुई भिड़ंत के बाद अब सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस मुख्यालय तिलक पुस्तकालय के बाहर हुए पथराव को लेकर झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस को निशाने पर लिया। साकची स्थित सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने विपक्षी दल की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस और कॉकरोच एक ही हैं, दोनों अंधेरे में पनपते हैं। मरांडी ने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी भी मुद्दे पर हिंसा और पथराव को सही नहीं ठहराया जा सकता। उनके मुताबिक, लोकतंत्र में हर दल को अपनी बात रखने और विरोध करने का अधिकार है, लेकिन इसके लिए शांतिपूर्ण तरीका अपनाना जरूरी है।
घटना के अगले दिन भाजपा ने प्रेस वार्ता कर कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोला। बाबूलाल मरांडी ने दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस की नीतियों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पथराव किया।
मरांडी ने कहा कि राजनीतिक दलों के बीच असहमति होना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है। किसी पार्टी की नीतियों से सहमत नहीं होने पर उसके खिलाफ प्रदर्शन किया जा सकता है और सवाल भी पूछे जा सकते हैं। लेकिन विरोध के जवाब में हिंसा होने से लोकतांत्रिक वातावरण प्रभावित होता है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह राजनीतिक सवालों का सामना करने के बजाय टकराव की स्थिति पैदा कर रही है।
भाजपा नेता ने अपने बयान में कांग्रेस के लिए तीखी भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने वाली राजनीति देश के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं को अपने व्यवहार और विरोध के तरीकों में मर्यादा बनाए रखनी चाहिए।
नवरात्र का हवाला देकर विपक्ष की राजनीति पर सवाल
प्रेस वार्ता के दौरान बाबूलाल मरांडी ने नवरात्र के अवसर पर हुई घटना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश में लोग इन दिनों श्रद्धा और आस्था के साथ पूजा-अर्चना कर रहे हैं। ऐसे समय में सड़कों पर राजनीतिक टकराव और हिंसा की स्थिति पैदा होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर आरोप लगाया कि उनकी राजनीति से सामाजिक और सांस्कृतिक माहौल प्रभावित हो रहा है।
मरांडी के अनुसार, त्योहारों के दौरान शांति और आपसी सद्भाव बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। उन्होंने बिष्टुपुर की घटना को इसी संदर्भ में उठाते हुए विपक्ष के रवैये पर सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि किसी भी राजनीतिक दल को विरोध के नाम पर ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करना चाहिए, जिससे आम लोगों के बीच तनाव की स्थिति बने।
उन्होंने कांग्रेस की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए कहा कि भाजपा जनता के बीच इन मुद्दों को उठाती रहेगी। साथ ही कार्यकर्ताओं को संदेश दिया कि राजनीतिक विरोध का जवाब हिंसा से नहीं, बल्कि तथ्यों और जनहित के सवालों के माध्यम से दिया जाना चाहिए।
कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को लेकर भी हमला
जमशेदपुर की घटना से आगे बढ़ते हुए बाबूलाल मरांडी ने राष्ट्रीय राजनीति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह संवैधानिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है। अपने संबोधन में उन्होंने उच्चतम न्यायालय तक मार्च निकाले जाने का जिक्र किया और इसे न्यायपालिका पर दबाव बनाने की कोशिश बताया।
मरांडी ने कहा कि लोकतंत्र में संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और विश्वसनीयता बनाए रखना जरूरी है। राजनीतिक दलों को संस्थाओं के प्रति जिम्मेदार रवैया अपनाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर देश के बारे में नकारात्मक धारणा बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष को केवल विरोध करने के बजाय अपने राजनीतिक विकल्प और नीतियों पर भी बात करनी चाहिए।
इसके विपरीत, मरांडी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के कामकाज की सराहना की। उन्होंने वर्ष 2014 के बाद हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए अनुच्छेद 370 को समाप्त किए जाने और माओवादी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई को केंद्र सरकार की उपलब्धियां बताया। इस तरह प्रेस वार्ता में भाजपा नेता ने जमशेदपुर की स्थानीय घटना के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति में कांग्रेस की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
हरेलाल महतो के भाजपा में आने पर संगठन को लेकर कही यह बात
प्रेस वार्ता में ईचागढ़ के आजसू नेता हरेलाल महतो के अपने समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल होने से जुड़ा सवाल भी उठा। इस पर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन एक स्वाभाविक गठबंधन है। उन्होंने नेताओं के एक दल से दूसरे दल में जाने को अपने ही घर में इधर से उधर होने जैसा बताया।
मरांडी ने संकेत दिया कि हरेलाल महतो के भाजपा में शामिल होने से क्षेत्र में पार्टी की संगठनात्मक स्थिति मजबूत होगी। उनके बयान से स्पष्ट था कि भाजपा इसे ईचागढ़ क्षेत्र में अपने जनाधार और संगठन के विस्तार के नजरिये से देख रही है। हालांकि, इस मुद्दे पर उन्होंने मुख्य रूप से गठबंधन की एकजुटता और संगठन को मिलने वाली मजबूती पर जोर दिया।
भाजपा कार्यकर्ताओं को शांति बनाए रखने का संदेश
बाबूलाल मरांडी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे संयम के साथ अपनी राजनीतिक गतिविधियां जारी रखें। उन्होंने कहा कि सरकार की नाकामियों को जनता के बीच उजागर करना विपक्षी राजनीति का हिस्सा है, लेकिन यह काम लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए। किसी भी स्थिति में हिंसा को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए।
बिष्टुपुर में हुई झड़प के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच बढ़ी तल्खी ने जमशेदपुर की राजनीति को गरमा दिया है। भाजपा ने प्रेस वार्ता के जरिए कांग्रेस पर आरोप लगाए हैं, जबकि घटना के बाद दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी चर्चा में है। मरांडी के बयान में जहां कांग्रेस की कार्यशैली पर हमला प्रमुख रहा, वहीं उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को शांतिपूर्ण तरीके से राजनीतिक मुद्दे उठाने की नसीहत भी दी।

