
घाटशिला : सोना देवी विश्वविद्यालय, घाटशिला के सभागार में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, जमशेदपुर के तत्वावधान में नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों, डिजिटल लत से बचाव, मानसिक स्वास्थ्य, सकारात्मक चिंतन और राजयोग मेडिटेशन के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। वक्ताओं ने विद्यार्थियों से अपनी ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग शिक्षा, व्यक्तित्व विकास तथा राष्ट्र निर्माण में करने की अपील की।
मोबाइल और सोशल मीडिया का संतुलित उपयोग का आहवान
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने कहा कि नशामुक्त भारत का संकल्प हर नागरिक की जिम्मेदारी है। नशामुक्त युवा ही स्वस्थ, समृद्ध और सशक्त भारत की मजबूत नींव हैं। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने, मोबाइल और सोशल मीडिया का संतुलित उपयोग करने तथा अनुशासन एवं सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि परिवार, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों के सामूहिक प्रयास से ही नशामुक्त समाज का निर्माण संभव है।
कुलपति प्रो. डॉ. ब्रज मोहन पाट पिंगुवा ने कहा कि युवा राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं। उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ नैतिक मूल्यों का विकास भी आवश्यक है। कुलसचिव डॉ. नीत नयना ने विद्यार्थियों से तनाव की स्थिति में गलत आदतों का सहारा लेने के बजाय शिक्षकों, परिवार और मित्रों से संवाद करने तथा योग, ध्यान और खेलकूद को दिनचर्या में शामिल करने की अपील की। सहायक कुलसचिव अर्चना सिंह ने कहा कि शिक्षा के साथ चरित्र निर्माण और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना भी जरूरी है।
ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बहन वी.के. नेहा ने डिजिटल नशे और सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से बचने की सलाह दी। बहन ऊषा ने एकाग्रता, समय प्रबंधन और सकारात्मक आदतों के महत्व को समझाया। वहीं, बहन रूपा दी ने राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराते हुए मानसिक शांति, आत्मबल और सकारात्मक संकल्पों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का संचालन संस्कृत विभाग की सहायक अध्यापिका कुमारी निकिता ने किया। उन्होंने कहा कि नशामुक्ति का अर्थ केवल मादक पदार्थों से दूरी बनाना ही नहीं, बल्कि समय और एकाग्रता को प्रभावित करने वाली आदतों पर नियंत्रण रखना भी है।
लोगों को जागरूक करने की दिलाई शपथ
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों को नशामुक्त जीवन अपनाने और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को जागरूक करने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम के माध्यम से ‘नशामुक्त युवा, सशक्त भारत’ का संदेश देते हुए युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया।

