Home » Jharkhand, Drug Deaddiction : नशामुक्त झारखंड के लिए पंचायत से गांव तक चलेगा जागरूकता अभियान

Jharkhand, Drug Deaddiction : नशामुक्त झारखंड के लिए पंचायत से गांव तक चलेगा जागरूकता अभियान

रोकथाम, परामर्श और पुनर्वास पर जोर, नशे से युवाओं को बचाने के लिए बनेगी कार्ययोजना : उमाशंकर सिंह

by Nikhil Kumar
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

रांची: झारखंड में नशे की बढ़ती चुनौती से निपटने के लिए अब जागरूकता के साथ रोकथाम, व्यवहार परिवर्तन और सामुदायिक भागीदारी पर जोर दिया जाएगा। पंचायतों, शैक्षणिक संस्थानों और स्थानीय समुदायों को जोड़कर नशामुक्ति अभियान को जनआंदोलन का रूप देने की तैयारी है। इसके तहत नशे की शुरुआती पहचान, परामर्श, उपचार और पुनर्वास की व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग तथा महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह ने मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन स्थित एमडीआई बिल्डिंग में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यशाला में यह बात कही। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल कानून-व्यवस्था से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि युवाओं, परिवारों और समाज के भविष्य से भी जुड़ी है। अभियान की सफलता इस बात से आंकी जानी चाहिए कि कितने लोगों को नशे की चपेट में आने से बचाया जा सका और उनके जीवन में कितना सकारात्मक बदलाव आया।

महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की ओर से आयोजित कार्यशाला में नशीले पदार्थों की मांग में कमी लाने और रोकथाम की रणनीतियों को मजबूत करने पर चर्चा हुई। सामाजिक कल्याण निदेशक किरण कुमारी पासी ने कहा कि परिवार और समुदाय की सक्रिय भूमिका से युवाओं को नशे से बचाया जा सकता है। इसके लिए स्वयं सहायता समूहों, सहिया, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पंचायत प्रतिनिधियों और युवा संगठनों को अभियान से जोड़ने की जरूरत है।

जिला से गांव तक बनेगी समन्वित कार्ययोजना

कार्यशाला में विभिन्न विभागों और विशेषज्ञों ने नशा रोकथाम के लिए समुदाय आधारित रणनीति पर विचार साझा किए। जिला, प्रखंड और ग्राम स्तर पर समन्वित कार्ययोजना तैयार करने के साथ परामर्श, उपचार, पुनर्वास और समाज में दोबारा जुड़ने की प्रक्रिया को एकीकृत करने पर जोर दिया गया। पंचायती राज, नगर विकास, गृह विभाग के नारकोटिक्स प्रकोष्ठ, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा और झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) समेत विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

कार्यशाला में नशामुक्ति हेल्पलाइन 14446 और उपलब्ध परामर्श, उपचार एवं पुनर्वास सेवाओं के प्रचार -प्रसार पर भी जोर दिया गया। अंत में राज्य में नशीले पदार्थों की मांग कम करने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई, जिसे केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय को भेजा जाएगा।

Related Articles

Leave a Comment