जमुई: बिहार के जमुई जिले में हाल ही में हुई हिंसा के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ‘हिंदू शेरनी’ के नाम से मशहूर खुशबू पांडेय को गिरफ्तार कर लिया है। खुशबू को मलयपुर थाना क्षेत्र स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया। इस गिरफ्तारी के साथ ही उसके पिता को भी हिरासत में लिया गया, लेकिन उन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। पुलिस ने सोमवार रात को खुशबू को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
गिरफ्तारी में मोबाइल लोकेशन की भूमिका
पुलिस ने खुशबू पांडेय की गिरफ्तारी के लिए गिद्धौर, झाझा, बरहट और मलयपुर थानों की संयुक्त टीम बनाई थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारियां मोबाइल लोकेशन के आधार पर की गई हैं। गिरफ्तारी के बाद खुशबू की मेडिकल जांच कराई गई, जिसके बाद उसे रात में ही न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
खुशबू पांडे पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप
खुशबू पांडेय पर आरोप है कि उसने भड़काऊ भाषण दिया, जिससे जमुई में हिंसा भड़क उठी। पुलिस ने उसे हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया है। अब तक इस मामले में कुल दस लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा, मंगलवार रात को जिले में इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई है, ताकि कोई और विवाद न हो।
खुशबू पांडे कौन हैं?
खुशबू पांडेय खुद को ‘हिंदू शेरनी’ के नाम से बताती हैं और वह जमुई जिले के मलयपुर थाना क्षेत्र की निवासी हैं। वह ‘हिंदू स्वाभिमान संगठन’ की संयोजिका भी हैं। सोशल मीडिया पर वह अक्सर भड़काऊ भाषण देती रही हैं, जिस कारण वह कई बार विवादों में घिरी रही हैं। उनके भाषणों के कारण जमुई में स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी और अब पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी की है।
क्या बोले एसपी?
जमुई पुलिस अधीक्षक (एसपी) मदन कुमार आनंद ने मामले की जानकारी दी और बताया कि यह घटना जमुई जिले के झाझा थाना क्षेत्र के बलियाडीह गांव की है। यहां दो समुदायों के बीच झड़प हुई थी, जिसमें दो-तीन लोग घायल हो गए थे और कई गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचा था। एसपी ने कहा कि इस मामले में पुलिस ने लगातार कार्रवाई की है और दोषियों को गिरफ्तार किया है।
हनुमान चालीसा पाठ के बाद हुआ विवाद
एसपी ने बताया कि घटना के दिन एक समुदाय के लोग हनुमान चालीसा पाठ के लिए बलियाडीह गांव में जमा हुए थे। कुछ स्थानीय लोग और कुछ बाहरी लोग भी वहां उपस्थित थे। जब ये लोग मस्जिद के पास से गुजर रहे थे, तो उन्होंने नारेबाजी की, जिससे विवाद उत्पन्न हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस की गश्ती टीम मौके पर पहुंची, लेकिन गश्ती टीम ने वरीय अधिकारियों को सूचना नहीं दी। गश्ती टीम ने लोगों को दूसरे रास्ते से जाने के लिए समझाया, लेकिन जब लोग नहीं माने, तो झड़प हो गई।
दो पक्षों में संघर्ष और पुलिस कार्रवाई
पुलिस ने कहा कि इस दौरान गश्ती टीम के पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है और उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है कि उन्होंने वरीय अधिकारियों को सूचना क्यों नहीं दी। इस मामले में दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। पहली प्राथमिकी गांव के लोगों के बयान पर दर्ज की गई है, जिसमें 41 लोगों को नामजद किया गया है और 50-60 अन्य लोगों पर भी आरोप लगाए गए हैं। दूसरी प्राथमिकी बिना अनुमति के जुलूस निकालने और आपत्तिजनक नारे लगाने की कोशिश के आरोप में दर्ज की गई है।
शांति की स्थिति
एसपी ने कहा कि दोनों मामलों में पुलिस की कार्रवाई जारी है और अब तक कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जमुई जिले के बलियाडीह गांव में शांति बहाल करने के लिए शांति समिति की बैठक भी की गई है और वर्तमान में स्थिति पूरी तरह से शांतिपूर्ण है। एसपी ने आश्वासन दिया कि पुलिस इस मामले में पूरी सख्ती से काम करेगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

