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Jamshedpur News : शहर में बही बोनस की बयार, टाटा मोटर्स समेत प्रमुख कंपनियों के कर्मचारियों की बढ़ीं उम्मीदें

टाटा स्टील के बाद अब टाटा मोटर्स, टिनप्लेट, तार कंपनी, टाटा कमिंस, न्युवोको और टीएसडीपीएल में बोनस वार्ता की तैयारी; शहर के बाजार में 500-600 करोड़ रुपये आने की उम्मीद

by Arvind Shrivastava
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Jamshedpur : औद्योगिक नगरी जमशेदपुर में बोनस को लेकर हलचल तेज हो गयी है। टाटा स्टील में वार्षिक बोनस समझौते की प्रक्रिया अंतिम दौर में पहुंचने के साथ ही अब शहर की दूसरी बड़ी औद्योगिक कंपनियों में भी बोनस को लेकर गतिविधियां बढ़ गयी हैं। टाटा मोटर्स, टिनप्लेट, तार कंपनी, जेम्को, न्युवोको, टाटा कमिंस, टीएसडीपीएल, टाटा स्टील यूआईएसएल, टिमकेन, टाटा कलर्स और टीआरएफ के कर्मचारियों की नजरें अब बोनस समझौते पर टिकी हैं।

कंपनियों के उत्पादन, कारोबारी प्रदर्शन, मुनाफे और कर्मचारियों के वेतन में हुए बदलाव को देखते हुए इस वर्ष कई कंपनियों में पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर बोनस मिलने की उम्मीद जतायी जा रही है। अनुमान है कि जमशेदपुर की विभिन्न औद्योगिक कंपनियों से इस बार करीब 500 से 600 करोड़ रुपये बोनस के रूप में कर्मचारियों के बीच वितरित हो सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो आगामी त्योहारी सीजन में शहर के बाजार में भी इसका सीधा असर देखने को मिलेगा।

टाटा मोटर्स में वेज रिवीजन के बाद बोनस पर नजर

टाटा मोटर्स में हाल में हुए वेज रिवीजन का असर इस बार बोनस पर भी पड़ने की उम्मीद है। नये वेतन समझौते के बाद कर्मचारियों के वेतन और एरियर में हुए बदलाव को देखते हुए बोनस की राशि को लेकर कर्मचारियों में उत्सुकता है।

वर्ष 2025 में कंपनी के करीब 8,300 कर्मचारियों के बीच बोनस का भुगतान किया गया था। उस समय औसतन करीब 50,160 रुपये, जबकि अधिकतम 75,223 रुपये बोनस मिला था। इस वर्ष नये वेतनमान के बाद कर्मचारी पिछले वर्ष से बेहतर बोनस की उम्मीद कर रहे हैं।

टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन की ओर से भी प्रबंधन के समक्ष बोनस को लेकर प्रस्ताव भेजे जाने की बात कही गयी है। यूनियन का प्रयास है कि जल्द औपचारिक वार्ता शुरू हो और कर्मचारियों के हित में बेहतर समझौता हो।

टिनप्लेट, तार कंपनी और जेम्को पर भी निगाह

टिनप्लेट, तार कंपनी और जेम्को के टाटा स्टील समूह का हिस्सा बनने के बाद इन कंपनियों में बोनस को लेकर भी कर्मचारियों की उम्मीदें बढ़ी हैं। टाटा स्टील में बोनस वार्ता के फॉर्मूले और समझौते का इन कंपनियों पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ने की संभावना को लेकर भी कर्मचारियों के बीच चर्चा है।

पिछले वर्ष की तुलना में इस बार बेहतर बोनस की उम्मीद की जा रही है। हालांकि अंतिम राशि प्रबंधन और यूनियन के बीच होने वाली वार्ता के बाद ही स्पष्ट होगी।

न्युवोको में 20 फीसद से अधिक की उम्मीद

जोजोबेडा स्थित न्युवोको में पिछले वर्ष कर्मचारियों को 20 फीसदी बोनस मिला था। अधिकतम बोनस राशि करीब 2,37,625 रुपये रही थी। इस वर्ष बेसिक और डीए में बढ़ोतरी तथा कंपनी के उत्पादन प्रदर्शन को देखते हुए कर्मचारियों को उम्मीद है कि बोनस पिछले वर्ष के स्तर पर बना रहेगा या उसमें और सुधार हो सकता है।

टाटा कमिंस में नये वेतनमान से बढ़ी उम्मीद

टाटा कमिंस में भी बोनस को लेकर कर्मचारियों की नजरें प्रबंधन और यूनियन के बीच होने वाली वार्ता पर हैं। पिछले वर्ष 773 कर्मचारियों के बीच करीब 9.03 करोड़ रुपये बोनस के रूप में बांटे गये थे। बोनस की दर 20 फीसदी रही थी और अधिकतम बोनस राशि करीब 1,41,537 रुपये थी।

नये वेतनमान के लागू होने के बाद इस बार बोनस की राशि बढ़ने की संभावना को लेकर कर्मचारियों में उम्मीद बनी हुई है।

टीएसडीपीएल में पिछले साल से बेहतर बोनस की उम्मीद

टीएसडीपीएल में वर्ष 2025 में कर्मचारियों को 16 फीसदी बोनस मिला था। कंपनी के कारोबारी प्रदर्शन में सुधार और वेतन में हुए बदलाव को देखते हुए इस वर्ष कर्मचारी पिछले साल से बेहतर बोनस की उम्मीद कर रहे हैं। बोनस समझौते को लेकर यूनियन और प्रबंधन के बीच होने वाली बातचीत पर कर्मचारियों की नजर है।

जुस्को में KPI के आधार पर तय होगा बोनस

टाटा स्टील यूआईएसएल यानी जुस्को में बोनस का फॉर्मूला प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों यानी KPI के आधार पर तैयार किये जाने की चर्चा है। इसमें कंपनी के PBT, सुरक्षा प्रदर्शन, ग्राहक संतुष्टि और वाटर लॉस जैसे मानकों को महत्व दिया जा सकता है।

इन प्रदर्शन मानकों के आधार पर बोनस की राशि तय होने की संभावना है। ऐसे में कर्मचारियों के बोनस का सीधा संबंध कंपनी के प्रदर्शन से रहेगा।

टिमकेन में वेज रिवीजन का दिख सकता है असर

टिमकेन में हाल में वेज रिवीजन समझौता होने के बाद कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि हुई है। ऐसे में बोनस की गणना में भी इसका असर पड़ने की उम्मीद है। कर्मचारी इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में अधिक बोनस की उम्मीद कर रहे हैं।

टाटा कलर्स के कर्मचारियों को भी बेहतर बोनस की उम्मीद

टाटा ब्लूस्कोप से टाटा कलर्स बनी कंपनी में पिछले वर्ष करीब 19 फीसदी बोनस मिला था। वेतन में बदलाव और कंपनी के मौजूदा कारोबारी समीकरण को देखते हुए इस वर्ष कर्मचारियों को बोनस में सुधार की उम्मीद है।

टीआरएफ में कारोबारी स्थिति बनी चुनौती

वहीं टीआरएफ में बोनस को लेकर स्थिति अन्य कंपनियों की तुलना में थोड़ी चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है। कारोबारी मंदी का असर कंपनी के प्रदर्शन पर पड़ने की चर्चा है। वर्ष 2025 में कर्मचारियों को 15.59 फीसदी बोनस मिला था और अधिकतम बोनस राशि करीब 1,09,647 रुपये रही थी।

इस वर्ष पिछले साल के स्तर को बरकरार रखना भी प्रबंधन और यूनियन दोनों के लिए चुनौती माना जा रहा है।

त्योहारी बाजार को भी बोनस समझौते का इंतजार

जमशेदपुर में बोनस केवल कर्मचारियों के लिए ही नहीं, बल्कि शहर के कारोबारियों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। औद्योगिक कंपनियों में बोनस का भुगतान होने के बाद बड़ी रकम बाजार में आती है। इससे वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, आभूषण, घरेलू सामान और रियल एस्टेट समेत विभिन्न क्षेत्रों में खरीदारी बढ़ती है।

यही वजह है कि औद्योगिक क्षेत्र के साथ-साथ शहर के व्यापारी वर्ग की नजरें भी बोनस समझौतों पर टिकी हैं। यदि इस वर्ष विभिन्न कंपनियों से अनुमानित 500-600 करोड़ रुपये बाजार में आते हैं तो त्योहारी सीजन में कारोबार को बड़ा सहारा मिल सकता है।

यूनियनों ने शुरू की बातचीत की तैयारी

विभिन्न कंपनियों के यूनियन पदाधिकारियों ने बोनस वार्ता की तैयारी शुरू कर दी है। यूनियनों का कहना है कि कंपनी के प्रदर्शन और कर्मचारियों के योगदान को ध्यान में रखते हुए प्रबंधन से बेहतर बोनस समझौते की मांग की जायेगी।

यूनियन नेता राकेश्वर पांडेय ने कहा कि संबंधित कंपनियों में बोनस को लेकर प्रक्रिया शुरू हो गयी है। प्रबंधन के साथ बातचीत के दौरान कर्मचारियों के हित में बेहतर से बेहतर समझौता कराने का प्रयास किया जायेगा।

वहीं टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के आरके सिंह ने कहा कि वेज रिवीजन के बाद बोनस को लेकर प्रबंधन को प्रस्ताव भेजा गया है। जल्द ही औपचारिक वार्ता शुरू होने की उम्मीद है और यूनियन कर्मचारियों के हित में बेहतर समझौता कराने का प्रयास करेगी।

नजरें अब बोनस समझौतों पर

टाटा स्टील में बोनस समझौते के बाद जमशेदपुर की दूसरी कंपनियों में भी बोनस वार्ता का रुख काफी हद तक स्पष्ट होने की उम्मीद है। ऐसे में आने वाले दिनों में टाटा मोटर्स समेत शहर की अन्य औद्योगिक इकाइयों के कर्मचारियों के लिए बोनस को लेकर तस्वीर साफ होगी। साथ ही इन समझौतों का असर जमशेदपुर के त्योहारी बाजार पर भी दिखाई देगा।

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