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कनाडा के विपक्षी लीडर ने PM ट्रुडो को कहा सनकी

by Rakesh Pandey
Canada PM Trudeau
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स्पेशल डेस्क : कनाडा में अगले साल चुनाव होने वाले हैं, (Canada PM Trudeau)  लिहाजा देश में राजनीतिक तनाव काफी बढ़ा हुआ है और अभी तक जो भी ओपिनियन पोल्स कराए गये हैं, उनमें विपक्षी दक्षिणपंथी कंजर्वेटिव पार्टी, जिसके नेता पियरे पोइलिव्रे हैं, वो काफी आगे चल रही है। जस्टिन ट्रूडो को लेकर कनाडाई संसद में बवाल मच गया है और कनाडाई विपक्ष के नेता पियरे ने उन्हें ‘सनकी’ कहा, जिसके बाद उन्हें देश के संसद, जिसे हाउस ऑफ कॉमन्स कहा जाता है, उससे बाहर निकाल दिया गया।

जस्टिन ट्रूडो को कहा सनकी (Canada PM Trudeau)

कनाडा के विपक्षी लीडर पियरे ने प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को सनकी कहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार को कनाडा की संसद हाउस ऑफ कॉमन्स में ड्रग ओवरडोज पर लगाम लगाने के मुद्दे पर चर्चा चल रही थी। इस दौरान कंजर्वेटिव पार्टी के लीडर पियरे ने अपनी स्पीच में कहा, “हम सनकी प्रधानमंत्री की तरफ से बनाए गए इस नीति से कब छुटकारा पाएंगे।” इसके बाद कनाडा की संसद के साउस स्पीकर ग्रेग फेरगस ने पियरे से 4 बार अपना बयान वापस लेने को कहा I

उन्होंने पियरे के शब्दों को गैर-संसदीय भाषा करार दिया। हालांकि, पियरे ने स्पीकर की बात नहीं मानी। उन्होंने सनकी की जगह कट्टरपंथी शब्द इस्तेमाल करने का भी विकल्प रखा।

क्यों कहा सनकी?

कनाडाई संसद में बहस उस वक्त शुरू हुई, जब विपक्ष के नेता पोइलिव्रे ने नशीली दवाओं पर रोक लगाने से इनकार करने पर प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की आलोचना की। दरअसल, कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में 22 साल के एक युवक की नशीली दवाओं के ओवरडोज से मौत गई और विपक्ष का कहना है कि सरकार नशीली दवाओं की बिक्री को प्रतिबंधित करे। लेकिन, जस्टिन ट्रूडो की सरकार ने ऐसा करने से इनकार कर दिया है। लिहाजा, विपक्ष के नेता पोइलिव्रे ने संसद में कहा कि “ऐसी दवाओं का खुलेआम हमारे अस्पतालों और हमारे सार्वजनिक परिवहन में बिकना, लोगों को मारने का रास्ता खोल रहा है। हम प्रतिबंध कब लगाएंगे, आइये इस निरर्थक प्रधानमंत्री की इस निरर्थक नीति को समाप्त करें?” इसी दौरान पियरे ने जस्टिन ट्रूडो को ‘सनकी’ भी कहा।

खालिस्तान जिंदाबाद के नारे

कंजर्वेटिव पार्टी को ओपिनयन पोल्स में मिल रही भारी बढ़त ने जस्टिन ट्रूडो को परेशान कर रखा है और यही वजह है, किसी भी तरह से सरकार बनाने के लिए वो खालिस्तान समर्थकों का समर्थन हासिल करने में जुटे हैं और भारत के खिलाफ आयोजित होने वाले कार्यक्रम में जस्टिन ट्रूडो भाग ले रहे हैं। एक दिन पहले ही जस्टिन ट्रूडो के सामने ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए गये हैं।

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