
चाईबासा : नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की सख्त रोक के बावजूद पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा और गुदड़ी क्षेत्र में बालू का अवैध खनन और परिवहन दिनदहाड़े जारी है। कोयल नदी के अवैध बालू घाटों से बड़े पैमाने पर खनन कर सैकड़ों ट्रैक्टरों से बालू की ढुलाई की जा रही है।
दिनदहाड़े हो रहा परिवहन, माफिया सक्रिय
गोइलकेरा अंचल के दलकी, माराश्रम, रायम और गुदड़ी जैसे बालू घाटों से खनन कर करीब दो से ढाई सौ ट्रैक्टरों से रोजाना बालू की ढुलाई हो रही है। पहले यह काम सिर्फ रात में होता था, लेकिन एनजीटी की रोक के बाद बालू माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब दिनदहाड़े अवैध बालू का परिवहन किया जा रहा है। एक वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि गोइलकेरा प्रखंड मुख्यालय से सटे पुराना गोइलकेरा से विश्वकर्मा चौक के रास्ते ट्रैक्टरों से दिन में बालू ढोया जा रहा है। इस अवैध कारोबार में गोइलकेरा, गुदड़ी, सोनुवा और चक्रधरपुर के बालू माफिया सक्रिय बताए जा रहे हैं।
खनन विभाग और टास्क फोर्स पर गंभीर सवाल
एनजीटी की रोक के बावजूद अवैध खनन और परिवहन ने जिला खनन विभाग और खनन टास्क फोर्स की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकारी सरकार से तनख्वाह तो लेते हैं, लेकिन काम माफियाओं को लाभ पहुंचाने के लिए करते हैं।
डीएमओ बोले- कार्रवाई करेंगे
इस संबंध में जब जिला खनन पदाधिकारी मेघलाल टुडू से पूछा गया तो उन्होंने कहा, “आपसे जानकारी मिली है, कार्रवाई करेंगे।”
लगातार हो रहे अवैध खनन से कोयल नदी का पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र खतरे में है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल ठोस कार्रवाई की मांग की है।
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