
घाटशिला : झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिला अंतर्गत घाटशिला स्थित सोना देवी विश्वविद्यालय का चौथा इंडक्शन कम ओरिएंटेशन कार्यक्रम गुरुवार को किताडीह स्थित विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किया गया। किताडीह परिसर में पहली बार आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर नव नामांकित विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और संस्कृत विभाग की सहायक प्राध्यापक कुमारी निकिता के मंत्रोच्चार से हुई। संगीत विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. संगीता चौधरी ने कुलगीत प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मोबाइल फोन का सदुपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जीवन आपके अपने हाथों में है और समय का सदुपयोग सफलता की कुंजी है। परिश्रम, लगन और समय के प्रति सजगता से ही विद्यार्थी अपने लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं। उन्होंने विषय के अनुसार भाषा का चयन करने की सलाह दी और अभिभावकों से विद्यार्थियों के सकारात्मक विकास पर ध्यान देने तथा उचित मार्गदर्शन देने की अपील की।
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण और सकारात्मक सोच पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सोना देवी विश्वविद्यालय के परिसर को विश्वस्तरीय बनाना लक्ष्य है, ताकि यहां के विद्यार्थी उद्योग जगत के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सकें। उन्होंने कहा कि ज्ञान केवल किताबों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि ऐसा होना चाहिए जो विचारों में नवाचार और समस्याओं के समाधान की क्षमता पैदा करे।
कुलाधिपति ने विद्यार्थियों से नौकरी तलाशने वाला बनने के बजाय जॉब क्रिएटर बनने की दिशा में सोच विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने ज्ञान और रुचि को समाज के हित से जोड़ें, जिससे उनका काम जीविका का साधन बनने के साथ समाज के लिए भी उपयोगी हो। उन्होंने तकनीक के विवेकपूर्ण इस्तेमाल, नैतिकता, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा को सफलता के लिए आवश्यक बताया। साथ ही युवाओं से नकारात्मकता, निराशा और शॉर्टकट का रास्ता छोड़कर रचनात्मकता और तकनीकी ज्ञान के माध्यम से समृद्ध झारखंड तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने की अपील की।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ब्रज मोहन पाट पिंगुआ ने अतिथियों, अभिभावकों और विद्यार्थियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन से नए विद्यार्थियों में नई प्रेरणा का संचार होता है और उन्हें विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण से परिचित होने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान की असली ताकत उसके विचार और उसके मार्गदर्शक होते हैं।
विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. नित नयना ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों की इंटर्नशिप और तकनीकी प्रशिक्षण के लिए देश के कई प्रमुख संस्थानों के साथ एमओयू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सोना देवी विश्वविद्यालय झारखंड की पहली यूनिवर्सिटी है, जिसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में इंटेल के साथ एमओयू किया है। विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ एआई एंड कंप्यूटिंग भी शुरू किया गया है। इसके अलावा एनआईटी जमशेदपुर समेत कई संस्थानों के साथ अकादमिक साझेदारी की गई है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में झारखंड के अलावा पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों से भी विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं। यह विविधता विश्वविद्यालय की ताकत है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित कक्षाओं में उपस्थित रहने, आवश्यक उपस्थिति बनाए रखने और शैक्षणिक अनुशासन का पालन करने की अपील की। उन्होंने विश्वविद्यालय में उपलब्ध पुस्तकालय, आधुनिक प्रयोगशालाओं, करियर एवं प्लेसमेंट सेल, काउंसलिंग, मेंटरशिप, क्लब और सोसाइटीज की जानकारी भी दी।
मौके पर घाटशिला विधायक सोमेश चंद्र सोरेन ने विद्यार्थियों से अपने भविष्य निर्माण पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सिर्फ नामांकन लेने से भविष्य नहीं बनता, बल्कि नियमित कक्षा में उपस्थिति और मेहनत से भविष्य तय होता है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं इंजीनियरिंग के विद्यार्थी रहे हैं और छात्रों की भावनाओं को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय रामदास सोरेन का सपना घाटशिला को शिक्षा का केंद्र बनाने का था और वे इस सपने को पूरा करने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।
बहरागोड़ा के विधायक समीर मोहंती ने कहा कि सीखने की प्रक्रिया जीवनभर चलती रहती है। उन्होंने मातृभाषा में शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरणा लेने की सलाह दी। उन्होंने धैर्य, जिज्ञासा और मौलिक सोच के साथ आगे बढ़ने तथा बदलते समय के अनुरूप शिक्षा में बदलाव को अपनाने की बात कही।
बहरागोड़ा के पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने विद्यार्थियों को नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि तकनीक तेजी से बदल रही है और विद्यार्थियों को बाजार की जरूरत के अनुसार स्वयं को लगातार अपग्रेड करना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलकर नई चुनौतियों का सामना करने की अपील की। उन्होंने घाटशिला जैसे क्षेत्र में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सोना देवी विश्वविद्यालय की स्थापना को महत्वपूर्ण कदम बताया।
कार्यक्रम में प्रो. मित्रेश्वर, परिणीत शुक्ला, क्षेत्र के शिक्षाविद्, शिक्षक, शौर्य चक्र विजेता कैप्टन जावेद, ब्लॉक प्रमुख सुशीला टुडू सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के वरिष्ठ छात्र-छात्राओं ने नव नामांकित विद्यार्थियों के स्वागत में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। वहीं कोलकाता से आए बैंड की प्रस्तुति ने विद्यार्थियों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने नव नामांकित विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।


