
Jamshedpur : आकांक्षी प्रखंड मुसाबनी की फॉरेस्ट ब्लॉक पंचायत के बीहड़ बोगसुतली टोला में सड़क की सुविधा नहीं होने से एक गर्भवती महिला को गुरुवार को प्रसव पीड़ा के दौरान ग्रामीणों ने खटिया पर ढोकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया। करीब दो किलोमीटर पहाड़ी रास्ता तय करने के बाद महिला को ममता वाहन से केंदाडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उसने बेटे को जन्म दिया।
बोगसुतली टोला पहाड़ पर बसा है, जहां करीब नौ आदिवासी परिवार रहते हैं। सड़क नहीं होने के कारण चार पहिया वाहन टोला तक नहीं पहुंच पाता। वहीं मोबाइल नेटवर्क की समस्या भी ग्रामीणों के लिए आपात स्थिति में बड़ी परेशानी बनी हुई है।
नेटवर्क नहीं मिला तो पहाड़ पर चढ़कर मुखिया को दी सूचना
गुरुवार तड़के ओड़िया सिंकू की पत्नी को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। टोला में मोबाइल नेटवर्क नहीं मिलने के कारण परिजनों को सूचना देने में परेशानी हुई। इसके बाद परिजन पहाड़ पर चढ़े और मुखिया पोरमा बानरा को फोन कर महिला की स्थिति की जानकारी दी। मुखिया ने एएनएम पूर्वी महाली और स्वास्थ्य सहिया दामिनी टोपनो को सूचना दी। इसके बाद ममता वाहन की व्यवस्था कराई गई।
दो किलोमीटर पहाड़ी रास्ता खटिया पर तय किया
ममता वाहन की व्यवस्था होने के बाद चिंता सिंकू, बिंदु सिंकू, लखीसर भूमिज समेत अन्य ग्रामीण गर्भवती महिला को खटिया पर लादकर सुबह करीब 6:30 बजे टोला से निकले। ग्रामीणों ने लगभग दो किलोमीटर का दुर्गम पहाड़ी रास्ता तय किया और गुमदीबेड़ा सड़क तक पहुंचे।
गुमदीबेड़ा सड़क पर ममता वाहन पहले से मौजूद था। वहां से महिला को केंदाडीह सीएचसी ले जाया गया और भर्ती कराया गया। चिकित्सकों की देखरेख में एएनएम ने महिला का प्रसव कराया, जहां उसने पुत्र को जन्म दिया।
डीसी और मंत्री से गुहार के बाद भी सड़क का इंतजार
मुखिया पोरमा बानरा ने बताया कि बोगसुतली टोला तक सड़क निर्माण की मांग ग्रामीण कई बार उठा चुके हैं। 5 फरवरी 2026 को दलमाबेड़ा में तत्कालीन उपायुक्त करण सत्यार्थी के जनता दरबार में भी ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग रखी थी।
उन्होंने बताया कि पिछले दिनों सड़क निर्माण के लिए इंजीनियरों की टीम ने मापी भी की थी। वहीं मानकी मुंडा संघ ने मंत्री दीपक बिरुआ से मुलाकात कर बोगसुतली समेत पंचायत के अन्य गांवों और टोलों में सड़क निर्माण कराने की मांग की है। इसके बावजूद अब तक सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं हो सका है।

