Jamshedpur : भीषण गर्मी और लगातार लेट हो रही ट्रेनों के खिलाफ रविवार को टाटानगर स्टेशन परिसर में रेल यात्री संघर्ष समिति की ओर से हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इस अभियान की शुरुआत जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने खुद हस्ताक्षर कर की। इसके बाद बड़ी संख्या में यात्रियों ने व्हाइट बोर्ड और फॉर्म पर हस्ताक्षर कर अपना विरोध दर्ज कराया।
सुबह से ही स्टेशन परिसर में यात्रियों की भीड़ जुटने लगी थी। प्लेटफॉर्म से बाहर निकलने वाले यात्रियों ने स्वेच्छा से हस्ताक्षर किए। कई लोगों ने मौके पर ही वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया। अभियान दो स्थानों पर चला पहला प्लेटफॉर्म नंबर एक के प्रवेश मार्ग पर और दूसरा टिकट बुकिंग कार्यालय के पास। कई लोगों ने क्यूआर कोड स्कैन कर डिजिटल समर्थन भी दिया। इस मौके पर सरयू राय ने रेलवे अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी हठधर्मिता यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। उन्होंने कहा कि रेलवे को यात्रियों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। अगर ट्रेनों की लेट-लतीफी में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन उग्र रूप ले सकता है।
उन्होंने बताया कि 7 अप्रैल को इसी मुद्दे पर धरना दिया गया था, लेकिन रेलवे अधिकारियों ने उसे रोकने की कोशिश की। अब हस्ताक्षर अभियान को लेकर भी अधिकारियों का रवैया नकारात्मक है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जरूरत पड़ी तो आंदोलन प्लेटफॉर्म या रेल पटरियों तक भी ले जाया जाएगा। सरयू राय ने सवाल उठाया कि चक्रधरपुर डिवीजन में ही यात्री ट्रेनें अधिक लेट क्यों चल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मालगाड़ियों को प्राथमिकता देकर यात्री ट्रेनों को रोका जा रहा है, जो यात्रियों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को रेलवे बोर्ड और रेल मंत्रालय तक उठाया जाएगा और जरूरत पड़ी तो न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि राजधानी और जनशताब्दी जैसी प्रमुख ट्रेनों की स्थिति भी खराब है। रेलवे ऐप पर गलत जानकारी दिखाए जाने पर भी उन्होंने सवाल उठाया। सरयू राय ने बताया कि राजधानी एक्सप्रेस चांडिल तक समय पर पहुंची, लेकिन टाटानगर आने में 50 मिनट लेट हुई। जबकि रेलवे ऐप में इसे पहले ही पहुंचा हुआ दिखाया जा रहा था।
एआरएम के खिलाफ मोर्चा खोलने की चेतावनी
संघर्ष समिति के संयोजक शिवशंकर सिंह ने कहा कि एआरएम का रवैया बेहद नकारात्मक रहा। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ी तो एआरएम के खिलाफ ही आंदोलन शुरू किया जाएगा। कार्यक्रम में आफताब अहमद सिद्दिकी, सुबोध श्रीवास्तव, कन्हैया सिंह, अजय कुमार और अन्य वक्ताओं ने रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। सभी ने कहा कि यात्री सुविधाओं की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान लगाए गए दोनों व्हाइट बोर्ड हस्ताक्षरों से भर गए। लोगों ने न सिर्फ हस्ताक्षर किए बल्कि रेलवे के खिलाफ नाराजगी भी जताई। तपती धूप के बावजूद लोग डटे रहे। समिति की ओर से ओआरएस और ठंडे पानी की व्यवस्था की गई थी।

