Ranchi (Jharkhand) : झारखंड अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने एक बड़े साइबर फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश करते हुए महाराष्ट्र के नागपुर से दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान जयंत ताराचंद और अजय रामभरोसे के रूप में हुई है। इनके पास से दो मोबाइल फोन और चार सिम कार्ड बरामद किए गए। दोनों आरोपी नागपुर निवासी बताए जा रहे हैं।
23 लाख की ठगी से खुला राज
सीआईडी साइबर क्राइम थाना की डीएसपी नेहा बाला ने जानकारी दी कि 4 अगस्त को रांची साइबर थाना में एक मामला दर्ज हुआ था। पीड़ित ने बताया कि फेसबुक, व्हाट्सएप और गूगल सर्च पर एनजे फाइनेंशियल रिसर्च नामक कंपनी का विज्ञापन देखकर वह आकर्षक निवेश योजना के झांसे में आ गया। उसे HNAC नामक फर्जी ऐप के जरिए निवेश करने के लिए कहा गया, जहां मूल राशि का 5-10 गुना लाभ मिलने का लालच दिया गया।
पीड़ित ने इस लालच में आकर कुल 23 लाख रुपये का निवेश किया, जिसे अपराधियों ने विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर लिया।
बैंक खातों में करोड़ों का लेन-देन
जांच के दौरान सामने आया कि जिन खातों में ठगी की राशि जमा कराई गई थी, उनमें सिर्फ 23 दिनों में ₹2 करोड़ 51 लाख 18 हजार 320 रुपये क्रेडिट हुए। यानी इस रैकेट ने कई राज्यों में लोगों से करोड़ों रुपये ठगे।
कई राज्यों में दर्ज शिकायतें
गृह मंत्रालय के नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल से प्राप्त रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि इस खाते के खिलाफ अलग-अलग राज्यों से 12 शिकायतें दर्ज हैं। इनमें केरल (2), गुजरात (2), कर्नाटक (2), उत्तर प्रदेश (2), तमिलनाडु (2), गोवा (1), उत्तराखंड (1), महाराष्ट्र (1) और झारखंड (1) की शिकायतें शामिल हैं।
सीआईडी की कार्रवाई जारी
सीआईडी का मानना है कि यह गैंग बड़े स्तर पर काम कर रहा था और देशभर में लोगों को निवेश का झांसा देकर करोड़ों की ठगी कर चुका है। दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और अन्य साथियों की तलाश की जा रही है।

