Chaibasa (Jharkhand) : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम मुख्यालय स्थित चाईबासा सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे को एचआईवी पॉजिटिव रक्त चढ़ाने के मामले में राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सख्त रुख अपनाया है। इस मामले में सीएम सोरेन ने चाईबासा के सिविल सर्जन डॉ. सुशांतो कुमार माझी समेत अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित करने का निर्देश दिया है। हेमंत सोरेने ने इस मामले में तत्काल तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। वहीं पीड़ित बच्चों के परिजनों को सहायता राशि देने की भी घोषणा की है।
सभी पीड़ित बच्चों को दो-दो लाख रुपए सहायता राशि
सभी पीड़ित बच्चों को दो–दो लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। बता दें कि चाईबासा सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में मंझारी के थैलीसीमिया पीड़ित बच्चे को एचआईवी पॉजिटिव रक्त चढ़ाने का आरोप लगाया गया था। परिजनों ने इस मामले की शिकायत उपायुक्त और राज्य सरकार से की थी।
पीड़ित बच्चे की बुआ के साथ कर्मचारी ने किया था दुर्व्यवहार
मंझारी के जिला परिषद सदस्य माधव चंद्र कुंकल ने आरोप लगाया था कि जिस बच्चे को एचआईवी पॉजिटिव रक्त चढ़ाया गया, उसी की बुआ के साथ एक साल पहले ब्लड बैंक कर्मचारी मनोज कुमार ने दुर्व्यवहार किया था। इस मामले में सदर थाना में केस भी दर्ज किया गया था और मामला अदालत में चल रहा है।

बदले की भावना व चार अन्य बच्चों को संक्रमित रक्त चढ़ाने का आरोप
कुंकल ने दावा किया था कि बदले की भावना से बच्चे को एचआईवी पॉजिटिव रक्त चढ़ाया गया है। इसके बाद मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने भी संज्ञान लिया और जांच के लिए एक कमेटी रांची से सदर अस्पताल पहुंची। जांच में चार और बच्चों को एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाने का पता चलते ही हड़कंप मच गया। इसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चाईबासा के सिविल सर्जन डॉ सुशांतो कुमार माझी समेत अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को सस्पेंड करने का निर्देश दिया है।

