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श्रीनगर में आतंकी नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई : आतंकियों के 23 सहयोगियों पर PSA के तहत मामला दर्ज, ऑपरेशन सिंदूर के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस का बड़ा एक्शन

by Rakesh Pandey
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श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर पुलिस ने घाटी में सक्रिय आतंकी नेटवर्क और उनके सहयोगियों पर शिकंजा कसते हुए 23 लोगों को सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (PSA) के तहत हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद भारत द्वारा पाकिस्तानी आतंकी शिविरों पर किए गए जवाबी ऑपरेशन सिंदूर के मद्देनज़र की गई है।

आतंकियों के सहयोगियों के खिलाफ निर्णायक कदम

पुलिस ने शनिवार को जानकारी दी कि श्रीनगर में सक्रिय राष्ट्रविरोधी तत्वों, पथराव में शामिल उपद्रवियों और आतंकियों के ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGW) पर कड़ी निगरानी रखी जा रही थी। इन्हीं में से 23 व्यक्तियों को PSA के तहत हिरासत में लिया गया है। इन्हें पुंछ, उधमपुर और जम्मू की कोट भलवाल जेलों में भेजा गया है।

PSA क्या है

पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) एक ऐसा कानून है जिसके अंतर्गत किसी भी व्यक्ति को राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा बनने की स्थिति में बिना मुकदमे के दो साल तक हिरासत में रखा जा सकता है। यह कश्मीर में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों और आतंकवाद समर्थकों पर कार्रवाई का एक प्रभावी कानूनी हथियार माना जाता है।

हिरासत में लिए गए प्रमुख नाम

पुलिस द्वारा जारी सूची में जिन लोगों को PSA के तहत हिरासत में लिया गया है, उनमें प्रमुख नाम निम्नलिखित हैं…

साकिब शफी वानी (सुंदर बाला चट्टाबल)

वलीद एजाज शेख उर्फ वलीद (बटमालू)

हाशिम फारूक मीर (राजबाग)

सायार अहमद शेख उर्फ साहिल (बटमालू)

तौसीफ अहमद खान (बटमालू)

शौकत अहमद डार (निशात)

अली मोहम्मद राथर उर्फ अली पाकिस्तानी (हजरतबल)

ओवैस फारूक लोन (त्राल)

मुसैब अहमद खान (बेमिना)

इसके अतिरिक्त फिरोज अहमद नजर, शब्बीर अहमद गुलाम, साजिद शाहनवाज मीर उर्फ पैट्रोल, नुमान कयूम गनी, ओवैस अल्ताफ भट, जुनैद ज़हूर बांगरू, मुजफ्फर फारूक मीर, उनीब नसीर मीर, इरफान अहमद सीरू, फहद बशीर सिद्दीकी, जुबैर अहमद लोन, फैजान यासीन शेख, इब्राहिम राशिद गनी उर्फ गोपी/उमर और अब्दुल हामिद गनी के नाम भी शामिल हैं।

पहले भी थे आपराधिक मामले, फिर भी कर रहे थे राष्ट्रविरोधी गतिविधियां

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, ये सभी आरोपी पूर्व में भी विध्वंसक और गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त थे। कुछ आरोपी जमानत पर रिहा होने के बाद भी जन शांति भंग करने और आतंकी नेटवर्क को समर्थन देने में सक्रिय थे।

जिला मजिस्ट्रेट ने जारी किए PSA के आदेश

श्रीनगर पुलिस द्वारा सभी आरोपियों के खिलाफ विस्तृत डोजियर तैयार कर जिला मजिस्ट्रेट को सौंपा गया, जिसके बाद PSA के तहत औपचारिक हिरासत आदेश जारी किए गए। यह कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत, सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था की रक्षा हेतु की गई है।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद घाटी में बढ़ी सख्ती

गौरतलब है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 नागरिकों की हत्या के बाद केंद्र और राज्य सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती बरतनी शुरू की है। इसके जवाब में भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान में आतंकी शिविरों पर सर्जिकल हमले किए गए थे, जिसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया।

हाई अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां

श्रीनगर समेत घाटी के अन्य संवेदनशील इलाकों में घेराबंदी और तलाशी अभियान (CASO) तेज़ कर दिए गए हैं। खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो हैं, निगरानी प्रणाली मजबूत और आतंकी नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार कार्रवाई जारी है।

पुलिस की चेतावनी : कानून के लंबे हाथ हर दोषी तक पहुंचेंगे

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि यह कार्रवाई श्रीनगर के आतंकी सहयोगी नेटवर्क को निष्क्रिय करने की दिशा में निर्णायक कदम है। आने वाले दिनों में और भी लोगों को PSA के तहत हिरासत में लिया जा सकता है। कानून के हाथ अब पहले से ज्यादा लंबे हैं और हर राष्ट्रविरोधी को न्याय का सामना करना पड़ेगा।

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