Jamshedpur : जमशेदपुर शहर के लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। लंबे समय से जाम की समस्या से जूझ रहे गोविंदपुर और बारीगोड़ा रेलवे फाटक अब इतिहास बनने की ओर हैं। दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल ने टाटानगर और आसनबनी स्टेशन के बीच तीन प्रमुख स्थानों पर रोड ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण के लिए लगभग 193.38 करोड़ रुपये का टेंडर जारी कर दिया है।
इस परियोजना के तहत गोविंदपुर (एलसी-137) और बारीगोड़ा (एलसी-138) में ओवरब्रिज का निर्माण किया जाएगा, जिससे रोजाना लगने वाले कई किलोमीटर लंबे जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही हावड़ा-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही भी तेज हो सकेगी।12 मई तक टेंडर, रेलवे उठाएगा पूरा खर्चरेलवे द्वारा जारी निविदा के अनुसार इच्छुक ठेकेदार 12 मई तक आवेदन कर सकते हैं। करीब 193.38 करोड़ रुपये की इस परियोजना के लिए लगभग 3.86 करोड़ रुपये की सुरक्षा राशि तय की गई है।
गोविंदपुर में बनेगा टी टाइप ओवरब्रिज
खास बात यह है कि इस पूरे प्रोजेक्ट का खर्च अब रेलवे खुद वहन करेगा, जिससे वर्षों से अटका यह काम तेजी से आगे बढ़ेगा। गोविंदपुर में टी-शेप ओवरब्रिज, कम होगा विस्थापनगोविंदपुर में बनने वाला ओवरब्रिज तकनीकी रूप से खास होगा। पहले के डिजाइन में बड़ी संख्या में घर और दुकानें प्रभावित हो रही थीं, लेकिन अब इसे ‘टी’ आकार में डिजाइन किया गया है।इस बदलाव के बाद जहां पहले करीब 93 घरों को हटाने की योजना थी, अब यह संख्या घटकर लगभग 30 रह गई है। यह पुल अन्ना चौक से लुआबासा और टेल्को को सीधे जोड़ेगा, जिससे यातायात काफी सुगम हो जाएगा।
बारीगोड़ा में थ्रू-टाइप ब्रिज से मिलेगी रफ्तार
बारीगोड़ा में बनने वाला ओवरब्रिज ‘थ्रू-टाइप’ डिजाइन पर आधारित होगा, जो बिना रुकावट के एक छोर से दूसरे छोर तक सीधा कनेक्शन देगा। भारी वाहनों के दबाव को देखते हुए इसे अतिरिक्त मजबूती के साथ तैयार किया जाएगा।इस पुल के बनने से परसुडीह, गदरा, बारीगोड़ा और गोविंदपुर इलाके में लगने वाला लंबा जाम खत्म हो जाएगा।अत्याधुनिक तकनीक से होगा निर्माण
इन ओवरब्रिजों के निर्माण में आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा
* बो-स्ट्रिंग गर्डर: धनुष के आकार का मजबूत ढांचा, जो बिना खंभों के भी भार संभाल सकता है
* कंपोजिट गर्डर: स्टील और कंक्रीट का मिश्रण, जो लंबे समय तक टिकाऊ रहता है
* पीएससी और टी-बीम: पहले से तैयार संरचनाएं, जिससे निर्माण कार्य तेजी से पूरा होगा
शहर के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मिलेगी नई दिशायह परियोजना सिर्फ जाम खत्म करने तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे टाटानगर क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को मजबूत करेगी। प्रस्तावित रिंग रोड और स्टेशन पुनर्विकास के साथ मिलकर यह इलाका भविष्य में आधुनिक ट्रांसपोर्ट हब के रूप में उभरेगा।

