
जमशेदपुर : राज्य के सरकारी प्रारंभिक विद्यालयों (प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय) में कार्यरत शिक्षकों को अब एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (ACP) और मोडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (MACP) योजना का लाभ नहीं मिलेगा। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में आदेश जारी कर स्थिति स्पष्ट कर दी है।
यह मामला झारखंड हाईकोर्ट में दायर याचिका किरण कुमारी हेम्ब्रम व अन्य बनाम झारखंड सरकार (डब्ल्यूपीएस संख्या-5570/2023) से जुड़ा था। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार को प्रारंभिक शिक्षकों को एमएसीपी लाभ देने के संबंध में अंतिम निर्णय लेने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्राथमिक शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया था। समिति में वित्त और विधि विभाग के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया था।
हजारों प्रारंभिक शिक्षकों को लगा झटका
समिति की समीक्षा के बाद सरकार ने प्रारंभिक शिक्षकों की एमएसीपी देने की मांग को अस्वीकार कर दिया है। शिक्षा विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि राज्य में झारखंड राजकीयकृत प्रारंभिक विद्यालय शिक्षक प्रोन्नति नियमावली-2025 लागू है। इस नियमावली के तहत शिक्षकों को ग्रेड-1 से ग्रेड-8 तक समयबद्ध प्रोन्नति और उच्चतर वेतनमान देने का प्रावधान पहले से मौजूद है।
विभाग ने वित्त विभाग के संकल्प संख्या-2981, दिनांक 1 सितंबर 2009 का हवाला देते हुए कहा कि जिन संवर्गों के लिए अलग से विशेष प्रोन्नति नियमावली बनाई गई है, उन्हें एमएसीपी योजना का लाभ नहीं दिया जा सकता है। इसी आधार पर समिति ने प्रारंभिक शिक्षकों को एमएसीपी देने की मांग को नियमसम्मत नहीं माना। शिक्षा विभाग के इस फैसले से राज्य के हजारों प्रारंभिक शिक्षकों को झटका लगा है, जो लंबे समय से एमएसीपी लाभ की मांग कर रहे थे।



