
चाईबासा : झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन ने राज्य के सभी गृह रक्षकों (होमगार्ड जवानों) को वर्ष के पूरे 365 दिन समान रूप से रोस्टर के तहत ड्यूटी देने की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है। जवानों को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से काम दिलाने के उद्देश्य से संगठन जल्द ही राज्य सरकार के समक्ष एक नई तैनाती नीति (डिप्लॉयमेंट पॉलिसी) बनाने का खाका पेश करेगा।
दिल्ली में हुई उच्चस्तरीय बैठक
इस रणनीति को लेकर नई दिल्ली स्थित सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता और संगठन के कानूनी सलाहकार अभय कांत मिश्रा के चैंबर में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष रवि मुखर्जी तथा प्रदेश महासचिव राजीव तिवारी सहित अन्य प्रमुख पदाधिकारी मौजूद थे।
बैठक के दौरान जवानों की रोस्टर प्रणाली में असमानता पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। प्रतिनिधियों ने बताया कि मौजूदा व्यवस्था के कारण कई जवानों को साल भर में बहुत कम कार्य दिवस मिल पाते हैं, जबकि कुछ जवानों को लगातार तैनाती मिलती रहती है। इससे जवानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाता है।
अनदेखी पर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा संगठन
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि संगठन जल्द ही एक विस्तृत मांग पत्र राज्य सरकार को सौंपेगा। यदि सरकार ने एक निश्चित समयावधि के भीतर पारदर्शी ड्यूटी आवंटन नीति लागू नहीं की तो संगठन अपने अधिकारों की रक्षा के लिए झारखंड उच्च न्यायालय (रांची) में रिट याचिका दायर करेगा।
जिलों से एकत्र किए जाएंगे आंकड़े
अभियान को मजबूती देने के लिए राज्य के सभी 24 जिलों से होमगार्ड जवानों के ड्यूटी आवंटन, कार्य दिवसों की संख्या और तैनाती से जुड़े आंकड़े जुटाए जा रहे हैं।
प्रदेश अध्यक्ष रवि मुखर्जी ने कहा कि यह संघर्ष किसी व्यक्ति या विभाग के खिलाफ न होकर व्यवस्था में सुधार लाने के लिए है, ताकि हर जवान को सम्मानजनक आजीविका और बराबरी का अवसर मिल सके।
प्रदेश महासचिव राजीव तिवारी ने जवानों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि संगठन की टीमें जिलों में जाकर दस्तावेज एकत्र करेंगी। सभी जवान समय पर अपनी जानकारी उपलब्ध कराकर इस मुहिम को सफल बनाएं।

