Jamshedpur : बहरागोड़ा में पानीपाड़ा गांव में द्वितीय विश्व युद्ध का लगभग 227 किलोग्राम वजन का बम सेना ने बुधवार को डिस्ट्रॉय कर दिया। इस बम को नियंत्रित विस्फोट के जरिए डिस्ट्रॉय किया गया है। इसके लिए सेना ने पहले से तैयारी कर ली थी। नदी किनारे एक मैदान में गड्ढा खोदकर उसमें बम रखा गया था और ऊपर चारों तरफ बालू से भरी हुई बोरियां रखी गई थीं।
बुधवार की दोपहर में सेना के विशेषज्ञों ने एक विशेष रणनीति के तहत इस बम को डिस्ट्रॉय किया है। सेना के अधिकारियों ने बताया कि यह बम यूएसए एएनएम 64 बम है। इसे अमेरिका में तैयार किया गया था। आम तौर से इसे अमेरिकी नौसेना प्रयोग करती है। अधिकारियों का कहना है कि नियंत्रित विस्फोट इस तरह से किया गया ताकि कोई जान माल का नुकसान ना हो और विस्फोट का असर सीमित रहे। इस पूरे मिशन का नेतृत्व कैप्टन आयुष कुमार सिंह ने किया। इसके अलावा, मौके पर लेफ्टिनेंट कर्नल धर्मेंद्र सिंह भी मौजूद रहे। नियंत्रित विस्फोट के पहले सेना के जवानों ने बंगाल के कलाई कुंडा एयर बेस से भी तालमेल बनाया।
रिमोट डेटोनेटर के जरिए किया गया नियंत्रित विस्फोट
जहां गड्ढे में बम रखा गया था उससे लगभग 1 किलोमीटर दूर सेना के अधिकारी मौजूद थे और रिमोट डेटोनेटर के जरिए बम में नियंत्रित विस्फोट किया गया। अधिकारियों ने बताया कि धमाका काफी शक्तिशाली था। इस धमाके के बाद धरती हिल गई थी। धमाका लगभग 4 किलोमीटर तक सुनाई दिया।
बंगाल सीमा भी कर दी गई थी सील
इसके पहले सेना ने एक किलोमीटर के दायरे में मौजूद लोगों से इलाका खाली करा लिया था। पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया था। विस्फोट से पहले सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया था। ताकि कोई भी विस्फोट स्थल की तरफ ना जा सके। बंगाल झारखंड सीमा को भी बंद कर दिया गया था।
बम डिस्ट्रॉय होने के बाद लोगों ने ली राहत के सांस
बताया जा रहा है कि नियंत्रित विस्फोट में बम के डिस्ट्रॉय होने के बाद इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है। पानीपाड़ा और आसपास के गांव में इस बम को लेकर एक डर का माहौल बना हुआ था। बताया जा रहा है कि बहरागोड़ा में मिला यह तीसरा अमेरिकन बम था। लोगों को आशंका है कि नदी किनारे अभी और भी बम हो सकते हैं।
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