Jamshedpur : झारखंड के टाटानगर रेलवे स्टेशन के पास चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के बीच एक अजीब मामला सामने आया है। गुदड़ी मार्केट स्थित “श्री लक्ष्मी भंडार” नामक दुकान, जिसे मुरारी लाल अग्रवाल पिछले 46 वर्षों से चला रहे हैं, उसे रेलवे ने हटाने का नोटिस दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि पूरे बाजार में सिर्फ इसी एक दुकान को नोटिस दिया गया है, जिससे कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।
मुरारी लाल अग्रवाल का कहना है कि उनकी दुकान दशकों से यहां संचालित हो रही है और वे नियमित रूप से टैक्स व जीएसटी का भुगतान करते रहे हैं। उनका यह भी दावा है कि मामला फिलहाल हाई कोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने रेलवे प्रशासन से अनुरोध किया कि कम से कम कोर्ट की सुनवाई तक उन्हें समय दिया जाए, ताकि वे न्यायालय का आदेश प्रस्तुत कर सकें। इसके बावजूद रेलवे की ओर से सख्त निर्देश दिया गया है कि 24 घंटे के भीतर दुकान खाली कर दी जाए, अन्यथा उसे तोड़ दिया जाएगा।
इस कार्रवाई से मुरारी लाल अग्रवाल और उनका परिवार गहरे संकट में आ गया है। वे हृदय रोग से पीड़ित हैं और यह दुकान ही उनके परिवार की आजीविका का एकमात्र साधन है। इतना ही नहीं, दुकान में काम करने वाले पांच अन्य लोगों के परिवार भी इसी पर निर्भर हैं, जिससे कई लोगों की रोजी-रोटी पर खतरा मंडरा रहा है। मामले को और गंभीर बनाते हुए मुरारी लाल अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। उनका कहना है कि उन्हें बर्बाद करने की साजिश के तहत ही उनके खिलाफ शिकायतें की गईं, जिसके बाद यह कार्रवाई शुरू हुई।
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब गुदड़ी मार्केट में कई दुकानें मौजूद हैं, तो कार्रवाई सिर्फ एक ही दुकान पर क्यों की जा रही है? क्या यह महज संयोग है या इसके पीछे कोई और वजह है? रेलवे प्रशासन की इस कार्रवाई पर स्थानीय लोगों में भी असमंजस है और वे निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या मुरारी लाल अग्रवाल को न्यायालय से राहत मिलेगी या उनकी 46 साल पुरानी दुकान इतिहास बनकर रह जाएगी।

