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दिल्ली एनसीआर में डोली धरती, जानिए कितनी रही भूकंप की तीव्रता…

by Rakesh Pandey
Delhi NCR Earthquake
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स्पेशल डेस्क, नई दिल्ली : दिल्ली एनसीआर में गुरुवार को एक बार फिर से भूकंप (Delhi NCR Earthquake) के झटके महसूस किए गए हैं। भूकंप के डर की वजह से लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकल गए। भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान में रहा। अफगानिस्तान में 6.1 तीव्रता वाले भूकंप के बाद दिल्ली की धरती कांप उठी।

Delhi NCR Earthquake: 6.2 की तीव्रता

दिल्ली एनसीआर और पंजाब से लेकर जम्मू-कश्मीर तक भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप आते ही अफरा-तफरी मच गई। लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकले। हालांकि, किसी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है। भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान का फैजाबाद था। हिन्दुकुश क्षेत्र में रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.2 रही।

पाकिस्तान में भी महसूस किए गए तेज झटके

इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के पीर पंचाल क्षेत्र के दक्षिण में भी भूकंप के ये झटके महसूस किए गए। भूकंप के ये झटके केवल भारत ही नहीं, बल्कि पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में भी महसूस किए गए। यहां से कुछ ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें लोगों अपने घरों और दफ्तरों से बाहर भागते हुए नजर आ रहे हैं।

एक्सपर्ट्स जारी कर रहे हैं चेतावनी

इससे पहले 3 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर में कई बार झटके लगे थे। पहले इसकी तीव्रता 4.6 मापी गई। उसी दिन दोबारा आए भूकंप की तीव्रता 6.2 मापी गई। आपको बता दें कि एक्सपर्ट दिल्ली-एनसीआर के भूकंप को लेकर पहले ही चेतावनी जारी कर चुके हैं। उनका कहना है कि दिल्ली-एनसीआर में कभी भी बड़ा भूकंप आ सकता है। हालांकि, ये कब आएगा, इसकी पुष्टि अभी नहीं की गई है। दिल्ली-एनसीआर के नीचे 100 से ज्यादा लंबी और गहरी फॉल्ट्स हैं। इसमें से कुछ दिल्ली-हरिद्वार रिज, दिल्ली-सरगोधा रिज और ग्रेट बाउंड्री फॉल्ट पर हैं। इनके साथ ही कई सक्रिय फॉल्ट्स भी इनसे जुड़ी हुई हैं।

क्या होता है भूकंप का केंद्र?

आसान भाषा में समझें तो भूकंप तब आता है, जब धरती की सतह के नीचे मौजूद प्लेटें आपस में टकराती हैं या फिर टूटना शुरू होती हैं। उस जगह को ही भूकंप का केंद्र कहा जाता है। विज्ञान की भाषा में इसे हाइपोसेंटर भी कहते हैं। इस सेंटर से ही भूकंप की एनर्जी तरंगों के रूप में कंपन फैलाते हुए आगे बढ़ती हैं। यह बिल्कुल वैसी ही है, जैसे शांत तालाब में पत्थर फेंकने पर तरंगे फैलती हुई आगे बढ़ती हैं।

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