Dhanbad (Jharkhand): झारखंड के धनबाद जिले से एक और ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जिसके तार अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठनों से जुड़े होने के संदेह हैं। झारखंड पुलिस की एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने बुधवार को भूली क्षेत्र के शमशेर नगर इलाके में दबिश देते हुए 33 वर्षीय अमर यशर को धर दबोचा। इस गिरफ्तारी ने धनबाद में सक्रिय आतंकी नेटवर्क की आशंकाओं को और गहरा कर दिया है।
प्रतिबंधित संगठन हिज्ब उत-तहरीर (HuT) से जुड़ाव की आशंका
ATS को संदेह है कि गिरफ्तार किया गया अमर यशर प्रतिबंधित पैन-इस्लामिक संगठन हिज्ब उत-तहरीर (Hizb ut-Tahrir – HuT) का सक्रिय सदस्य है। यह संगठन भारत समेत कई देशों में आतंकवाद फैलाने के आरोप में प्रतिबंधित है। पुलिस ने यशर के मोबाइल फोन से कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए हैं, जिनका सीधा संबंध प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से बताया जा रहा है। इन दस्तावेजों की पड़ताल से कई और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
पहले इंडियन मुजाहिद्दीन (IM) से था नाता
ATS द्वारा जारी किए गए एक आधिकारिक बयान के अनुसार, पूछताछ के दौरान अमर यशर ने खुद कबूल किया है कि उसका अतीत भी दागदार रहा है और वह पहले प्रतिबंधित आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन (Indian Mujahideen – IM) से जुड़ा हुआ था। इस संबंध में उसे वर्ष 2014 में जोधपुर से गिरफ्तार किया गया था और उसने लगभग 10 साल जेल की सलाखों के पीछे बिताए। वह मई 2024 में ही जमानत पर रिहा हुआ था।
बयान में यह भी कहा गया है कि जेल से रिहा होने के बाद यशर धनबाद में पहले गिरफ्तार किए गए अयान जावेद समेत अन्य आरोपियों के संपर्क में आया और उसने एक बार फिर से प्रतिबंधित संगठन HuT से अपना नाता जोड़ लिया। यह दर्शाता है कि जेल से छूटने के बाद भी उसने अपने आतंकी मंसूबों को नहीं छोड़ा था।
पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
गौरतलब है कि इससे पहले, 26 अप्रैल को भी धनबाद से चार युवकों को गिरफ्तार किया गया था, जिनके भी प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों से कथित संबंध थे। इन आरोपियों की पहचान अयान जावेद (21), गुलफाम हसन (21), मोहम्मद शहजाद आलम (20) और शबनम प्रवीन (20) के रूप में हुई थी। इन गिरफ्तारियों से पहले ही धनबाद में आतंकी गतिविधियों की आशंका गहरा गई थी और अब यशर की गिरफ्तारी ने इस चिंता को और बढ़ा दिया है।
युवाओं की भर्ती की साजिश नाकाम
ATS को खुफिया सूत्रों से यह महत्वपूर्ण जानकारी मिली थी कि धनबाद में हिज्ब उत-तहरीर (HuT), अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS), इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) और अन्य खूंखार आतंकवादी संगठनों से जुड़े कुछ लोग सक्रिय रूप से युवाओं को अपनी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित करके उन्हें आतंकवादी संगठनों में भर्ती करने की खतरनाक कोशिश कर रहे हैं। ATS की यह कार्रवाई ऐसे आतंकी मंसूबों को नाकाम करने में एक बड़ी सफलता है।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, की जा रही गहन जांच
झारखंड ATS द्वारा जब्त किए गए सभी डिजिटल साक्ष्यों को गहन जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेज दिया गया है। पुलिस अब इस पूरे आतंकी नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की भी सरगर्मी से तलाश कर रही है। राज्य की सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क हैं और इस संवेदनशील मामले की हर कोण से गहन जांच कर रही हैं, ताकि इस आतंकी मॉड्यूल की जड़ों तक पहुंचा जा सके और भविष्य में होने वाली किसी भी संभावित आतंकी घटना को रोका जा सके।

