
Jamtara : जामताड़ा के मिहिजाम थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक ऐसे शातिर युवक को गिरफ्तार किया है, जो पुलिस की वर्दी पहनकर खुद को जैप-5 का जवान बताता था और लोगों पर धौंस जमाकर अवैध वसूली करता था। आरोपी के पास से देसी कट्टा, जिंदा कारतूस, वाकी-टाकी, चाकू, फर्जी पहचान पत्र और कई मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मिहिजाम थाना क्षेत्र के कानगोई निवासी 34 वर्षीय अनूप कुमार के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि वह कुछ समय पहले धनबाद में एक पुलिस पदाधिकारी और एक थाने में ड्राइवर के रूप में काम कर चुका था। वहीं से उसने पुलिस व्यवस्था और वर्दी का इस्तेमाल कर लोगों को प्रभावित करने का तरीका सीखा और बाद में फर्जी पुलिसकर्मी बनकर ठगी और धमकाने का सिलसिला शुरू कर दिया।
मंगलवार शाम मिहिजाम पुलिस वारंटियों और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चला रही थी। इसी दौरान थाना प्रभारी प्रदीप राणा की नजर एक संदिग्ध युवक पर पड़ी, जो पुलिस की पैंट और बूट पहनकर इलाके में घूम रहा था। पुलिस ने जब उसे कानगोई पत्थर डंप के पास पकड़ा तो वह शराब पीते मिला।
पूछताछ में उसने खुद को जैप-5, देवघर का जवान बताया और एक पहचान पत्र भी दिखाया। हालांकि पहचान पत्र में दर्ज जन्मतिथि और नियुक्ति तिथि में गड़बड़ी मिलने पर पुलिस को संदेह हुआ। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी ने स्वीकार किया कि पहचान पत्र फर्जी है और वह धनबाद से खरीदी गई पुलिस की वर्दी पहनकर लोगों को डराता-धमकाता था।
तलाशी के दौरान उसके बैग से एक देसी कट्टा, पांच जिंदा कारतूस, दो वाकी-टाकी (एक चार्जर सहित), दो चाकू, तीन स्मार्टफोन और फर्जी जैप-5 पहचान पत्र बरामद किया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी खुद को पुलिसकर्मी बताकर कई युवतियों से संपर्क में था। उसके मोबाइल फोन से दर्जनों युवतियों के साथ चैटिंग के साक्ष्य मिले हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि उसने पुलिस की पहचान का इस्तेमाल कर किसी प्रकार की ठगी या अन्य अपराध तो नहीं किए। इसके अलावा आरोपी के खिलाफ चित्तरंजन थाने में दहेज प्रताड़ना का मामला भी दर्ज होने की जानकारी मिली है।

