गिरिडीह : मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार 2025-26 में गिरिडीह जिले ने पूरे झारखंड में सबसे बेहतर प्रदर्शन कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। स्वच्छता, स्वास्थ्य और हाइजीन के मानकों पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिले के 228 विद्यालयों का चयन इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए किया गया है। राज्यभर में चयनित 2582 विद्यालयों में गिरिडीह पहले स्थान पर रहा है, जबकि पलामू और रांची क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।
राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन की ओर से सभी उपायुक्तों, उप विकास आयुक्तों, क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशकों, जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला शिक्षा अधीक्षकों को पत्र जारी कर चयनित विद्यालयों की जानकारी उपलब्ध कराई गई है। इन विद्यालयों को विभिन्न स्तरों पर मूल्यांकन के आधार पर सम्मानित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार 2025-26 में गिरिडीह सबसे आगे
मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार के लिए गिरिडीह जिले के कुल 228 विद्यालयों का चयन किया गया है। इनमें राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए 8 विद्यालय, शहरी स्थानीय निकाय स्तर के लिए 2 विद्यालय, प्रखंड स्तरीय पुरस्कार के लिए 13 विद्यालय तथा पंचायत स्तरीय पुरस्कार के लिए 205 विद्यालय शामिल हैं। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पूरे राज्य के किसी भी जिले से इतने अधिक विद्यालय इस पुरस्कार के लिए चयनित नहीं हुए हैं। स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी मानकों को विद्यालय स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने का परिणाम अब पुरस्कार के रूप में सामने आया है।
पलामू दूसरे, रांची तीसरे स्थान पर
राज्य स्तरीय आंकड़ों के अनुसार गिरिडीह के बाद सबसे अधिक 212 विद्यालयों के साथ पलामू दूसरे स्थान पर रहा। वहीं राजधानी रांची के 198 विद्यालयों का चयन इसमें चयन किया गया है। इससे रांची जिला तीसरे स्थान पर है। इसके अलावा बोकारो से 157, पश्चिमी सिंहभूम से 134, हजारीबाग से 128, दुमका और पूर्वी सिंहभूम से 126-126 विद्यालयों का चयन किया गया है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि राज्य के विभिन्न जिलों में स्वच्छता और विद्यालयी स्वास्थ्य मानकों को लेकर सकारात्मक प्रयास किए गए हैं।
स्वच्छता, स्वास्थ्य और हाइजीन मानकों पर हुआ चयन
मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार के लिए चयन प्रक्रिया में विद्यालयों का मूल्यांकन स्वच्छता, पेयजल व्यवस्था, शौचालयों की स्थिति, हाथ धोने की सुविधा, कचरा प्रबंधन, स्वास्थ्य जागरूकता और हाइजीन से जुड़े विभिन्न मानकों के आधार पर किया गया। जिन विद्यालयों ने इन मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, उन्हें विभिन्न श्रेणियों में चयनित किया गया है। राज्य सरकार का उद्देश्य विद्यालयों में स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण को बढ़ावा देना तथा विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विकसित करना है।
विभिन्न स्तरों पर मिलेगा पुरस्कार और सम्मान
चयनित विद्यालयों को राज्य, प्रमंडल, शहरी स्थानीय निकाय, प्रखंड और पंचायत स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। प्रत्येक स्तर के लिए पुरस्कार राशि अलग-अलग निर्धारित की गई है। राज्य सरकार की योजना के अनुसार चयनित विद्यालयों को राज्य, जिला और प्रखंड स्तरीय समारोहों में सम्मानित किया जाएगा। इससे विद्यालयों को बेहतर कार्य करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और अन्य शिक्षण संस्थानों को भी स्वच्छता मानकों को अपनाने की प्रेरणा मिलेगी।
पूरे झारखंड से 2582 विद्यालयों का हुआ चयन
मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार 2025-26 के लिए पूरे झारखंड से कुल 2582 विद्यालयों का चयन किया गया है। इनमें 110 विद्यालय राज्य स्तरीय, 5 प्रमंडल स्तरीय, 41 शहरी स्थानीय निकाय स्तर, 262 प्रखंड स्तरीय तथा 2164 पंचायत स्तरीय श्रेणी में शामिल हैं। यह पहल राज्य के विद्यालयों में स्वच्छता और स्वास्थ्य संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे विद्यालयों में बेहतर बुनियादी सुविधाओं और स्वास्थ्यकर वातावरण को बढ़ावा मिलेगा।
शिक्षा और स्वच्छता के क्षेत्र में गिरिडीह की बड़ी उपलब्धि
गिरिडीह का राज्य में शीर्ष स्थान हासिल करना जिले के शिक्षा विभाग, विद्यालय प्रबंधन समितियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है। जिले ने स्वच्छता और हाइजिन के क्षेत्र में जो मॉडल प्रस्तुत किया है, वह अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।
सीएम स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार 2025-26 : जिला-वार चयनित विद्यालय
| जिला | राज्य स्तर | प्रमंडल स्तर | शहरी स्थानीय निकाय | प्रखंड | पंचायत | कुल |
|---|---|---|---|---|---|---|
| बोकारो | 8 | 0 | 2 | 9 | 138 | 157 |
| चतरा | 2 | 0 | 2 | 11 | 79 | 94 |
| देवघर | 5 | 0 | 2 | 10 | 59 | 76 |
| धनबाद | 4 | 0 | 2 | 11 | 98 | 115 |
| दुमका | 7 | 0 | 2 | 10 | 107 | 126 |
| गढ़वा | 4 | 0 | 2 | 19 | 65 | 90 |
| गिरिडीह | 8 | 0 | 2 | 13 | 205 | 228 |
| गोड्डा | 4 | 0 | 1 | 9 | 68 | 82 |
| गुमला | 3 | 0 | 1 | 12 | 62 | 78 |
| हजारीबाग | 6 | 1 | 1 | 16 | 104 | 128 |
| जामताड़ा | 1 | 0 | 1 | 6 | 66 | 74 |
| खूंटी | 6 | 0 | 1 | 6 | 50 | 63 |
| कोडरमा | 4 | 0 | 3 | 6 | 59 | 72 |
| लातेहार | 8 | 0 | 0 | 9 | 73 | 90 |
| लोहरदगा | 3 | 0 | 1 | 7 | 47 | 58 |
| पाकुड़ | 2 | 0 | 1 | 6 | 79 | 88 |
| पलामू | 2 | 1 | 4 | 21 | 184 | 212 |
| पश्चिमी सिंहभूम | 5 | 1 | 2 | 18 | 108 | 134 |
| पूर्वी सिंहभूम | 5 | 0 | 2 | 11 | 108 | 126 |
| रामगढ़ | 3 | 0 | 1 | 6 | 93 | 103 |
| रांची | 8 | 0 | 2 | 18 | 170 | 198 |
| साहिबगंज | 3 | 1 | 3 | 9 | 29 | 45 |
| सरायकेला-खरसावां | 6 | 0 | 2 | 9 | 66 | 83 |
| सिमडेगा | 3 | 1 | 1 | 10 | 47 | 62 |
| कुल | 110 | 5 | 41 | 262 | 2164 | 2582 |

