गुमला : झारखंड के गुमला जिले में हाथियों का उत्पात कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इसी बीच 20 नवंबर 2025 की रात को 18 हाथियों का झुंड भरनो प्रखंड में जतरगड़ी और नदीटोली होते हुए सुपा गांव तक पहुंच गया, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। झुंड में हाथी के 2 बच्चे भी शामिल हैं। हाथियों ने सुपा समेत आसपास के खेतों में लगी फसलों को बुरी तरह रौंद दिया, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। लगातार हो रही हाथियों की आवाजाही से ग्रामीणों में दहशत बढ़ गई है।

रात में ग्रामीणों ने शोर मचाकर झुंड को गांव से खदेड़कर मोरगांव की ओर मोड़ दिया। ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों का यह झुंड मोरगांव मैदान के पीछे स्थित एक पतरा में डेरा जमाए बैठा था, लेकिन सुबह जैसे-जैसे लोगों की भीड़ बढ़ी और शोर-शराबा होता रहा, झुंड बेचैन होने लगा। सैकड़ों बच्चे, महिलाएं और युवक पतरा के आसपास उमड़ पड़े थे। भीड़ की ओर से लगातार शोर किए जाने पर हाथियों ने अपना ठिकाना छोड़ दिया और मैदान की ओर निकल आए।
हाथियों का अचानक मैदान में आना भीड़ में मौजूद लोगों के लिए खतरा बन गया। विशेषज्ञों के अनुसार भीड़ का इस तरह करीब जाना किसी भी समय गंभीर हादसे का कारण बन सकता है। इधर, वन विभाग की टीम प्रभावित इलाकों पर नजर बनाए हुए है, लेकिन लोगों में विभाग के देर से पहुंचने को लेकर नाराजगी भी है।
ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के बच्चे होने के कारण झुंड ज्यादा सतर्क और आक्रामक हो सकता है, इसलिए तत्काल काबू की जरूरत है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे हाथियों के पास न जाएं, भीड़ न लगाएं और समूह में सुरक्षित दूरी बनाकर रहें। उधर, भरनो के अलावा जिले के कामडारा और चैनपुर प्रखंडों में भी बीते दो दिनों से हाथियों के झुंड देखे जाने से ग्रामीण परेशान हैं। लगातार बढ़ती हाथियों की गतिविधियों ने पूरे क्षेत्र में भय और तनाव का माहौल बना दिया है। वन विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी है।
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