चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत गुवा स्थित सेल (स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) के लौह अयस्क खदान में रोजगार की मांग को लेकर सोमवार सुबह 4 बजे से अनिश्चितकालीन चक्का जाम आंदोलन शुरू हो गया है। यह आंदोलन मुंडा-मानकी संघ के बैनर तले चल रहा है, जिसमें आसपास के गांवों के ग्रामीण भी शामिल हैं।
लिखित समझौते के उल्लंघन का आरोप
मुंडा-मानकी और ग्रामीणों का आरोप है कि सेल प्रबंधन ने 13 दिन के पिछले आंदोलन के बाद हुए लिखित समझौते का पालन नहीं किया है। समझौते में तय था कि रांजाबुरु माइंस में ड्राइवर, खलासी और अन्य चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की बहाली गुवा और आसपास के स्थानीय गांवों से ही की जाएगी। इसके बावजूद स्थानीय युवाओं की जगह बाहरी मजदूरों को रखा जा रहा है।
आंदोलनकारियों की तीन प्रमुख मांगें
- स्थानीय रोजगार : गुवा सेल परियोजना में कम से कम 500 स्थानीय युवाओं को रोजगार दिया जाए।
- 75% नियोजन नीति : झारखंड सरकार की 75% स्थानीय नियोजन नीति को सख्ती से लागू किया जाए।
- प्रदूषण पर रोक : कारो नदी में बह रहे ‘लाल पानी’ को रोका जाए, क्योंकि इससे खेत और पूरा क्षेत्र प्रभावित हो रहा है।
‘लाल पानी से खेत बर्बाद’ : केशव प्रधान
आंदोलनकारी मजदूर केशव प्रधान ने कहा कि सेल का लाल पानी खेतों तक फैल चुका है और पूरा क्षेत्र प्रभावित है। इससे कृषि योग्य भूमि बंजर हो रही है और ग्रामीणों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।
प्रशासन कर रहा वार्ता, संघ ने दी चेतावनी
चक्का जाम की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से वार्ता की। अधिकारियों ने मांगों को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया है। वहीं मानकी मुंडा संघ ने स्पष्ट कहा है कि अगर सेल प्रबंधन से उचित जवाब नहीं मिलता तो आंदोलन जारी रहेगा। संघ ने आंदोलन को और उग्र करने की चेतावनी भी दी है।चक्का जाम के कारण खदान से अयस्क परिवहन पूरी तरह ठप है।
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