
हजारीबाग : हजारीबाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने केरेडारी प्रखंड में तैनात पंचायत सेवक तालेश्वर दास को 9,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पंचायत सेवक पर सड़क निर्माण से संबंधित बिल पारित करने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है। शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो की टीम ने पहले मामले का सत्यापन किया और फिर सुनियोजित तरीके से कार्रवाई की। गिरफ्तारी के बाद केरेडारी प्रखंड क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
हजारीबाग रिश्वत मामला: केरेडारी में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, तालेश्वर दास हजारीबाग जिले के केरेडारी प्रखंड में पंचायत सेवक के पद पर कार्यरत था। वह कराली और पाताल पंचायत की जिम्मेदारी संभाल रहा था। आरोप है कि सड़क निर्माण से जुड़े बिल को पारित कराने के बदले उसने संबंधित व्यक्ति से 9,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। रिश्वत की मांग से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से संपर्क किया और पूरे मामले की जानकारी दी।
शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपों की जांच शुरू की। किसी भी कार्रवाई से पहले शिकायत में लगाए गए आरोपों का सत्यापन किया गया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने के बाद आरोपी पंचायत सेवक को पकड़ने की योजना तैयार की गई।
सड़क निर्माण का बिल पास करने के बदले मांगी थी घूस
इस मामले में सड़क निर्माण से संबंधित बिल का भुगतान या उसे पारित कराने की प्रक्रिया को लेकर रिश्वत मांगने का आरोप सामने आया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, संबंधित काम के बिल को आगे बढ़ाने के एवज में उससे पैसे मांगे जा रहे थे। इसके बाद उसने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अधिकारियों से शिकायत की।
सरकारी योजनाओं और निर्माण कार्यों से संबंधित बिलों के निष्पादन में पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। ऐसे मामलों में रिश्वत की शिकायत मिलने पर जांच एजेंसियां आरोपों का सत्यापन कर आगे की कार्रवाई करती हैं। केरेडारी के इस मामले में भी शिकायत के सत्यापन के बाद ब्यूरो ने गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाया।
शिकायत के सत्यापन के बाद बिछाया गया जाल
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने शिकायत की जांच पूरी करने के बाद तय योजना के तहत कार्रवाई की। आरोप के मुताबिक, पंचायत सेवक को 9,000 रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई को सरकारी कामकाज में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद केरेडारी प्रखंड क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई। पंचायत स्तर पर सरकारी कार्यों और निर्माण से जुड़े बिलों के निष्पादन में पारदर्शिता को लेकर भी यह मामला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हजारीबाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई से मचा हड़कंप
केरेडारी में पंचायत सेवक की गिरफ्तारी ने सरकारी कामकाज में रिश्वतखोरी के आरोपों को फिर चर्चा में ला दिया है। शिकायतकर्ता की ओर से दी गई जानकारी के आधार पर ब्यूरो ने सत्यापन किया और उसके बाद कार्रवाई की। हालांकि, मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच से जुड़े विस्तृत तथ्यों की जानकारी सामने आना बाकी है।

