
हजारीबाग : झारखंड के हजारीबाग जिले में बुधवार की सुबह उस वक्त हलचल बढ़ गई, जब एनआईए (NIA) की टीम ने शहर के एक इलाके में अचानक दस्तक दी। बाबा पथ की सुभाष बारला गली में हुई इस कार्रवाई ने स्थानीय लोगों का ध्यान खींचा। जांच एजेंसी की टीम सीधे ट्रांसपोर्टर उदय साव और प्रदीप साव के आवास पर पहुंची और वहां तलाशी शुरू कर दी। अचानक हुई इस कार्रवाई को लेकर पूरे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं। हालांकि, जांच किस मामले से जुड़ी है और एजेंसी की नजर किन तथ्यों पर है, इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
पुराने कारोबार से जुड़े तार खंगाल रही जांच एजेंसी?
उदय साव और प्रदीप साव का नाम पहले कत्था कारोबार से जुड़ा रहा है। दोनों ट्रांसपोर्टर के रूप में भी जाने जाते हैं। बुधवार सुबह उनके आवास पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी की मौजूदगी ने इस कार्रवाई को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसी की टीम किन जानकारियों के आधार पर यहां पहुंची और तलाशी के पीछे क्या वजह है, इसका खुलासा अभी नहीं हुआ है।
बाबा पथ की गली में सुबह से हलचल
कार्रवाई के लिए टीम के पहुंचने का समय भी चर्चा का विषय बना हुआ है। सुबह-सुबह जांच एजेंसी की गतिविधियों से सुभाष बारला गली में लोगों की नजरें दोनों आवासों पर टिक गईं। स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई को लेकर जानकारी जुटाने की कोशिश होती रही। हालांकि, जांच की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे मामले की आधिकारिक तस्वीर अभी सामने नहीं आई है।
बरामदगी और जांच के कारणों पर सस्पेंस
छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी को क्या मिला, क्या किसी तरह के दस्तावेज या अन्य सामान जब्त किए गए और दोनों ट्रांसपोर्टरों से कोई पूछताछ हुई है या नहीं, इन सभी सवालों के जवाब फिलहाल नहीं मिले हैं। एजेंसी की ओर से न तो तलाशी में मिली सामग्री की जानकारी दी गई है और न ही किसी मामले में दोनों की भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है।
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