
हजारीबाग : जिले में जंगली हाथियों का आतंक एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ है। टाटीझरिया प्रखंड के गोधिया गांव में जंगली हाथी के हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई। मृतक की पहचान महावीर यादव के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह किसी काम से जंगल की ओर गए थे। इसी दौरान अचानक उनका सामना एक जंगली हाथी से हो गया। इससे पहले कि वह संभल पाते, हाथी ने उन पर हमला कर दिया। हमले में महावीर यादव की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई।
देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल और गांव में जुट गए। महावीर यादव की मौत की खबर से पूरे गोधिया गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार के लोगों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जंगली हाथियों की आवाजाही से ग्रामीणों में दहशत
इस घटना के बाद ग्रामीणों का कहना है कि आसपास के जंगलों में जंगली हाथियों की आवाजाही के कारण लोगों की जान पर खतरा बना रहता है। जंगल की ओर जाने वाले ग्रामीण, खेतों में काम करने वाले किसान और मवेशी चराने वाले लोग लगातार जोखिम का सामना करते हैं। ग्रामीण इलाकों में हाथियों की मौजूदगी की आशंका के बीच लोगों को रोजमर्रा के काम के लिए भी जंगल और आसपास के क्षेत्रों में जाना पड़ता है। ऐसे में अचानक हाथियों के सामने आ जाने से गंभीर दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। वन विभाग को प्रभावित गांवों में सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम करने चाहिए, ताकि लोगों को समय रहते हाथियों की मौजूदगी की जानकारी मिल सके। ग्रामीणों ने हाथियों की आवाजाही को लेकर सतर्कता बढ़ाने और जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता भी जताई है।
महावीर यादव के परिवार को मुआवजा देने की मांग
हाथी के हमले में महावीर यादव की मौत के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से पीड़ित परिवार को उचित सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि मृतक के आश्रितों को सरकारी प्रावधानों के तहत मुआवजा दिया जाना चाहिए, ताकि परिवार को आर्थिक संकट का सामना नहीं करना पड़े।

