Jamshedpur/Saraikela (Jharkhand) : सरायकेला के बिजय गांव स्थित इंस्टीट्यूट फॉर एजुकेशन में दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया है। नौ से 10 जनवरी तक आयोजित इस संगोष्ठी में देश-विदेश से आमंत्रित शिक्षिविद एवं विद्वान शिरकत करेंगे। संगोष्ठी का विषय “कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सतत प्रौद्योगिकियों में उभरते नए आयाम” है। इसके अलावा तकनीकी सत्रों के दौरान उप विषयों पर प्रतिभागी पेपर प्रस्तुत करेंगे। कॉलेज के चेयरमैन आरएन महांती, निदेशक डॉ. शुक्ला महांती एवं प्राचार्या डॉ. स्वीटी सिन्हा ने संयुक्त रूप से यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि संगोष्ठी झारखंड विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद द्वारा प्रायोजित है। नौ जनवरी को उद्घाटन सत्र के साथ संगोष्ठी की शुरुआत होगी। इस सत्र के मुख्य अतिथि खरसावां के विधायक दशरथ गागराई होंगे। इनके साथ अन्य गणमान्य अतिथि भी कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। उन्होंने बताया कि डिजिटल टेक्नोलॉजी मलेशिया पहांग एआई सुल्तान अब्दुल्लाह के निदेशक मजलिना अब्दुल माजिद की-नोट एड्रेस प्रस्तुत करेंगे। वहीं, इसी यूनिवर्सिटी के उप निदेशक सयाहनिजम अब्दुल्लाह सानी संगोष्ठी के मुख्य विषय पर विस्तृत चर्चा एवं प्रतिभागियों का मार्गदर्शन व ज्ञानवर्धन करेंगे।
आमंत्रित अतिथि व वक्ता
इनके अलावा बीआईटी मेसरा के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुदीप कुमार सहाना, इंस्टीट्यूट फॉर एजुकेशन के डॉ. अमन कुमार तिवारी, जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी की डॉ. अंजनी कुमारी, आर्यभट्ठ नॉलेज यूनिवर्सिटी की निलाद्री, अर्का जैन यूनिवर्सिटी की लिसी मैथ्यू, बीआईटी मेसरा जयपुर कैंपस, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी नई दिल्ली व कनाडा स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू बर्नस्वीक से आमंत्रित क्रमशः डॉ. विश्वंभर पाठक, डॉ. तुलिका महांती, डॉ. प्रभात महांती, जमशेदपुर स्थित विभिन्न संस्थानों से जुड़े डॉ. ऋचा पांडा, डॉ. प्रीति मोहन कुमार, डॉ. सौमाल्या घोष, डॉ. अनीता सुंडी समेत कई जाने-माने शिक्षाविद्, विशेषज्ञ एवं विद्वान शिरकत करेंगे। सभी संगोष्ठी के मुख्य एवं उप विषयों पर विस्तृत व्याख्यान देंगे।
तकनीकी सत्र व विषय
इस दो दिवसीय संगोष्ठी में विभिन्न पुस्तकों व जर्नल्स का विमोचन किया जायेगा। इसके साथ ही कुल चार तकनीकी सत्र होंगे। तकनीकी सत्रों के विषय निम्न हैं :
- बायोटेक्नोलॉजी, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवा नवाचार और नवीकरणीय ऊर्जा एवं स्थिरता।
- नवाचार, स्टार्ट-अप और नीतिगत ढांचे।
- जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण और सतत विकास।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता), डेटा साइंस और उभरती प्रौद्योगिकियां।
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