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Jamshedpur Police News : थाने में महिला कांस्टेबल भी सुरक्षित नहीं, छाड़खानी के आरोप में धालभूमगढ़ थाना प्रभारी पवन कुमार निलंबित

थाना प्रभारी ने उन्हें अपने चेंबर में बुलाकर अनुचित व्यवहार किया, हाथ पकड़ा और व्यक्तिगत मोबाइल नंबर मांगा।

by Reeta Rai Sagar
Jamshedpur Police News
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Jamshedpur/Dhalbhumgarh (Jharkhand) : थाने में पदस्थापित महिला आरक्षी भी सुरक्षित नहीं हैं। उन पर अपने थाने में कार्यरत पुलिस पदाधिकारियों की भी कुदृष्टि पड़ सकती है। इसका ताजा उदाहरण है झारखंड के पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) जिला स्थित धालभूमगढ़ थाना, जहां के थाना प्रभारी पवन कुमार को एसएसपी पीयूष पांडेय ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही एसआई धीरज मिश्रा को धालभूमगढ़ थाना की कमान सौंपी गई है। निवर्तमान थाना प्रभारी पवन कुमार पर थाने में पदस्थापित महिला आरक्षी से छेड़खानी करने का था। उनके खिलाफ आरोप सही पाए जाने के बाद एसएसपी ने यह कार्रवाई की है। एसएसपी पीयूष पांडेय की इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

महिला आरक्षी ने एसएसपी से की थी लिखित शिकात

जानकारी के अनुसार, 17 अक्टूबर को एक महिला आरक्षी ने जिला पुलिस कप्तान को लिखित शिकायत दी थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि थाना प्रभारी ने उन्हें अपने चेंबर में बुलाकर अनुचित व्यवहार किया, हाथ पकड़ा और व्यक्तिगत मोबाइल नंबर मांगा। आरक्षी ने यह भी बताया कि थाना प्रभारी ने 28, 29 और 30 सितंबर को कई बार फोन कर परेशान किया। यही सिलसिला 8 और 9 अक्टूबर को भी जारी रहा। लगातार मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर महिला आरक्षी ने आखिरकार सुरक्षा की गुहार लगाई।

जांच में सही पाया गया आरोप

शिकायत के बाद जांच की जिम्मेदारी घाटशिला एसडीपीओ अजीत कुजूर को दी गई। उन्होंने थाना स्टाफ और महिला चौकीदारों से पूछताछ की और बयानों के साथ अन्य तथ्यों की जांच की। जांच रिपोर्ट में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद एसएसपी ने पवन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पुलिस लाइन में योगदान देने का आदेश दिया।

साजिश के तहत फंसाया गया : पवन कुमार

दूसरी ओर, पवन कुमार ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि कोई प्रत्यक्ष गवाह नहीं है और केवल बयानों के आधार पर उन्हें दोषी ठहराया गया है। उनके अनुसार, उनके पास कॉल रिकॉर्ड और बातचीत के सबूत हैं जिन्हें वे अदालत में पेश करेंगे।

गुड़ाबांधा व सुंदरनगर के भी रह चुके हैं थाना प्रभारी

हालांकि सूत्र बताते हैं कि पूर्व में भी पवन कुमार का नाम विवादों से जुड़ता रहा है। पिछले एक साल में वे गुड़ाबांदा, सुंदरनगर और धालभूमगढ़ तीन थानों के प्रभारी रह चुके हैं। बावजूद वे किसी भी जगह चार महीने से अधिक नहीं टिक सके। हर जगह किसी न किसी विवाद में उनका नाम सामने आता रहा है।

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