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Jamshedpur Education: सेंट्रल करीमिया मध्य व उवि का बिना विभागीय स्वीकृति के बदल दिया पता, साकची से ले गए मानगो

स्कूल प्रबंधन एडमिशन साकची के पते के आधार पर लेता है और शिक्षकों की नियुक्ति भी उसी आधार पर करता है, लेकिन पढ़ाई मानगो में कराई जा रही है।

by Mujtaba Haider Rizvi
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Jamshedpur : जिले के गैर सरकारी सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक स्कूलों में नियुक्ति से जुड़ी गड़बडिय़ों के बीच अब नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं। करीमिया मुस्लिम उर्दू उच्च विद्यालय के बाद अब सेंट्रल करीमिया मध्य विद्यालय को लेकर भी चौंकाने वाली जानकारी मिली है। जानकारी के अनुसार यह स्कूल कागजों में साकची में संचालित दिखाया जा रहा है, जबकि वास्तविकता में इसका संचालन मानगो के जवाहरनगर में हो रहा है। बताया जा रहा है कि स्कूल प्रबंधन एडमिशन साकची के पते के आधार पर लेता है और शिक्षकों की नियुक्ति भी उसी आधार पर करता है, लेकिन पढ़ाई मानगो में कराई जा रही है।

यह सब बिना विभागीय अनुमति और यू-डायस कोड में बदलाव किए किया जा रहा है, जबकि नियम के अनुसार पता बदलने से पहले जिला शिक्षा विभाग की स्वीकृति और नए पते पर यू-डायस कोड अनिवार्य होता है। सबसे हैरानी की बात यह है कि शिक्षा विभाग के रिकॉर्ड में स्कूल साकची में दर्ज है, लेकिन वहां पढ़ने वाले बच्चों के लिए मिड-डे मील मानगो भेजा जा रहा है, जो पिछले एक साल से जारी है। इससे विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

वहीं शिक्षा विभाग का भी मानना है कि स्कूल दो जगह सचल रहा है एक साकची में और एक मानगो में जो की गलत है।छात्रों की संख्या अधिक दिखलाने के लिए स्कूल बदल रहे पता:अल्पसंख्यक उर्दू स्कूलों का पता बदल कर मानगो के मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में ले जाने की वजह छात्र संख्या को बताया जा रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार साकची व बालुबासा क्षेत्र में स्थित उर्दू स्कूलों में लगातार छात्र संख्या में गिरावट आ रही है। जबकि स्कूलों में शिक्षकों का यूनिट छात्र संख्या के आधार पर ही निर्धारित होता है। ऐसे में छात्रों की संख्या अधिक दिखलाने के लिए स्कूल प्रबंधन इसे मानगो के मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में बिना विभागीय अनुमति के शिफ्ट कर दे रहे हैं। और वहां जो नामांकन हो रहा है उसे पुराने पते पर दिखलाकर शिक्षकों की नियुक्ति व एमडीएम ले रहे हैं।

करीमिया मुस्लिम उर्दू स्कूल ने भी बदल दिया है पता:सेंट्रल करीमिया उर्दू मवि की ही तरह, भालूबासा स्थित करीमिया मुस्लिम उर्दू विद्यालय ने भी बिना विभागी अनुमति के स्कूल को भालूबासा से स्थानांतरित करते हुए मानगो वारिश कॉलोनी में शिफ्ट कर दिया है। यही नहीं बदले पते के आधार पर ही स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति शुरू कर दी गयी थी। लेकिन शिक्षा विभाग ने इस पर रोक लगा दिया है।

हालांकि शिक्षा विभाग पर भी अब सवाल उठ रहा है कि बिना उसके स्वीकृति के अल्पसंख्यक स्कूल प्रबंधन कैसे विद्यालय को दूसरी जगह शिफ्ट कर दे रहे हैं और विभाग कुछ नहीं कर रहा है।

वर्जन

यह आरोप की स्कूल मानगो में चल रहा है गलत है। जिस पते पर सेंट्रल करीमिया उर्दू मवि के संचालन की अनुमति मिली है उसी संस्थान पर स्कूल चल रहा है इससे अधिक मैं इस संबंध में कुछ नहीं कह सकती। वहीदा तबस्सुम, प्रिंसिपल सेंट्रल करीमिया मध्य उच्च विद्यालय

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