
जमशेदपुर : ओडिशा के मयूरभंज जिले में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब जमशेदपुर और पूर्वी सिंहभूम के नदी तटीय इलाकों में दिखाई देने लगा है। बारिश के कारण डैमों से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद खरकई और स्वर्णरेखा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। खरकई नदी आदित्यपुर पुल के पास खतरे के निशान से महज 95 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गई है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
जिले में रुक-रुककर हो रही बारिश के बीच ओडिशा से आने वाले पानी ने दोनों प्रमुख नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी कर दी है। फिलहाल खरकई और स्वर्णरेखा नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, लेकिन लगातार बदलती स्थिति को देखते हुए प्रशासन दोनों नदियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।
खरकई नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा, खतरे के निशान के करीब पहुंची
जल संसाधन विभाग के अनुसार, आदित्यपुर पुल के समीप खरकई नदी का जलस्तर बढ़कर 128.05 मीटर दर्ज किया गया है। इस स्थान पर नदी के लिए खतरे का निशान 129 मीटर निर्धारित है। यानी खरकई नदी का जलस्तर खतरे के निशान से अब सिर्फ 95 सेंटीमीटर नीचे रह गया है। जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए नदी किनारे बसे इलाकों के लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। प्रशासन ने विशेष रूप से निचले और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से स्थिति पर नजर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की अपील की है।
स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर भी बढ़ा, प्रशासन कर रहा लगातार निगरानी
जमशेदपुर की दूसरी प्रमुख नदी स्वर्णरेखा का जलस्तर भी बढ़ोतरी के बाद 118.80 मीटर पहुंच गया है। स्वर्णरेखा नदी के लिए खतरे का निशान 121.50 मीटर निर्धारित है। फिलहाल नदी खतरे के स्तर से नीचे है, लेकिन ओडिशा और आसपास के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश की स्थिति के आधार पर जलस्तर में और बदलाव हो सकता है। पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन लगातार दोनों नदियों के जलस्तर की निगरानी कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, यदि जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो नदी किनारे के निचले इलाकों में पानी पहुंचने की संभावना बढ़ सकती है।
मयूरभंज में भारी बारिश के बाद डैमों के स्पिलवे गेट खोले गए
अधिकारियों के अनुसार, जमशेदपुर में नदियों का जलस्तर बढ़ने की मुख्य वजह ओडिशा के मयूरभंज जिले में हुई लगातार भारी बारिश है। जलग्रहण क्षेत्रों में पानी बढ़ने के बाद बैंकवेल और खरकई डैम के दो-दो स्पिलवे गेट 0.30 मीटर तक खोल दिए गए। डैमों से पानी छोड़े जाने के बाद इसका असर नीचे की ओर बहने वाली नदियों पर पड़ा। खरकई डैम से 57.642 क्यूमेक और ब्यांगबिल डैम से 46.562 क्यूमेक पानी छोड़ा गया। दोनों डैमों से कुल 104.204 क्यूमेक पानी नदी में छोड़े जाने की जानकारी दी गई है।
70 से 80 किलोमीटर दूरी तय कर शनिवार सुबह जमशेदपुर पहुंचा पानी
डैमों से छोड़ा गया पानी करीब 70 से 80 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद शनिवार सुबह जमशेदपुर क्षेत्र तक पहुंचा। इसके बाद खरकई और स्वर्णरेखा नदियों के जलस्तर में स्पष्ट वृद्धि दर्ज की गई। प्रशासन ने लोगों से नदी के आसपास जाने से बचने की अपील की है। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। किसी भी अप्रत्याशित स्थिति या जलस्तर में तेज बढ़ोतरी की जानकारी मिलने पर तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचित करने की अपील की गई है।

