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झारखंड विधानसभा की पर्यावरण एवं प्रदूषण नियंत्रण समिति अवैध खनन पर सख्त, मीटिंग में दिए कार्रवाई के निर्देश

by Rajeshwar Pandey
CHAIBASA
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Chaibasa : झारखंड विधानसभा की पर्यावरण एवं प्रदूषण नियंत्रण समिति ने सोमवार को पश्चिमी सिंहभूम जिला का दौरा किया। समिति के जिला आगमन पर चाईबासा परिसदन में जिले के वरीय पदाधिकारियों द्वारा पुष्प गुच्छ भेंट कर समिति के सभापति एवं सदस्यों का स्वागत किया गया।

इसके बाद, परिसदन सभागार में समिति के सभापति विधायक उदय शंकर सिंह की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में समिति के सदस्य विधायक श्वेता सिंह, संजीव सरदार, जिगा सुसारण होरो एवं रोशन लाल चौधरी उपस्थित रहे। इस दौरान जिले में संचालित खदानों की वर्तमान स्थिति, बालू घाटों की अद्यतन जानकारी तथा राजस्व संग्रहण की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप राजस्व संकलन किया जा रहा है।

समिति के समक्ष अवैध खनन, भंडारण एवं परिवहन के विरुद्ध की गई कार्रवाई, दर्ज प्राथमिकी, जब्त वाहनों एवं वसूली गई राशि का विवरण प्रस्तुत किया गया। इस पर सभापति ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अवैध खनन के खिलाफ निरंतर निगरानी रखते हुए सख्त और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

प्रदूषण नियंत्रण विभाग की समीक्षा के क्रम में समिति ने जिले की औद्योगिक इकाइयों में प्रदूषण की स्थिति पर चर्चा की और सभी इकाइयों में एयर पॉल्यूशन कंट्रोल यूनिट की अनिवार्य स्थापना, पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप संचालन तथा प्रदूषण नियंत्रण गाइडलाइन का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।

साथ ही श्रम अधीक्षक को श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी का भुगतान अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराने एवं श्रम कानूनों के अनुपालन की नियमित समीक्षा करने को कहा गया। नियोजन पदाधिकारी को संबंधित अधिनियम के तहत स्थानीय लोगों को 75 प्रतिशत रोजगार का लाभ दिलाने हेतु प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।

समिति ने स्वास्थ्य विभाग को सभी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य संस्थानों से निकलने वाले बायो-मेडिकल वेस्ट का वैज्ञानिक, सुरक्षित एवं मानक प्रक्रिया के अनुसार निष्पादन सुनिश्चित करने तथा नियमित अनुश्रवण करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त पेयजल, डीएमएफटी, भू-अर्जन, नगर निकाय सहित अन्य विभागों की भी क्रमवार समीक्षा की गई और योजनाओं के पारदर्शी व समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।

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