रांचीः बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड कैबिनेट की अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कुल 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें झारखंड नगर पालिका संवेदक नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव भी शामिल है।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब झारखंड में नगर निकाय स्तर पर कार्य करने वाले संवेदकों (Contractors) के लिए एक नया नियम लागू किया गया है। इसके तहत अब संवेदक को झारखंड राज्य से संबंधित GST सर्टिफिकेट (GSTIN) रखना अनिवार्य कर दिया गया है।
क्या है नया नियम?
पहले संवेदकों के लिए राज्य से GST सर्टिफिकेट होना अनिवार्य नहीं था, लेकिन अब नगर निगम, नगर परिषद या नगर पंचायत में ठेका लेने या निविदा में भाग लेने के लिए संवेदकों को झारखंड राज्य का GST प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा। इसका उद्देश्य राज्य के भीतर कार्य कर रहे स्थानीय संवेदकों को प्राथमिकता देना और टैक्स चोरी को रोकना है।
क्यों लाया गया यह बदलाव?
• स्थानीय संवेदकों को बढ़ावा देने के लिए
• राजस्व पारदर्शिता बनाए रखने के लिए
• अन्य राज्यों के नाम पर टैक्स रजिस्ट्रेशन कर रहे ठेकेदारों को रोकने के लिए
• नगर निकायों के कार्यों में जवाबदेही और नियंत्रण बढ़ाने के लिए
कैबिनेट बैठक में पारित अन्य प्रस्तावों की जानकारी जल्द ही सरकार द्वारा साझा की जाएगी। लेकिन नगर पालिका संवेदक नियमावली में यह संशोधन शहरी विकास से जुड़े कार्यों में एक बड़ी और प्रभावी पहल माना जा रहा है।
Jharkhand Cabinet Meeting: संवेदकों के लिए अनिवार्य हुआ राज्य का GST सर्टिफिकेट, 12 प्रस्तावों पर लगी मुहर
नगर निगम, नगर परिषद या नगर पंचायत में ठेका लेने या निविदा में भाग लेने के लिए संवेदकों को झारखंड राज्य का GST प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा।
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