
Ghatshila : बहरागोड़ा। स्वर्णरेखा नदी का कटाव बहरागोड़ा प्रखंड के किसानों के लिए लगातार चिंता का कारण बना हुआ है। पाथरी पंचायत के बामडोल और मोहुलडांगरी मौजा में बारिश के मौसम में नदी के तेज बहाव से उपजाऊ जमीन का कटाव तेजी से हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, अब तक 2000 एकड़ से अधिक कृषि भूमि नदी में समा चुकी है। इस वर्ष भी नदी किनारे करीब 8 से 10 फीट तक मिट्टी का कटाव होने की बात सामने आ रही है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि खेती योग्य जमीन लगातार कम होती जा रही है और इससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो रहा है।
जमीन नदी में समाई, फिर भी देना पड़ रहा लगान
ग्रामीणों के अनुसार, स्वर्णरेखा नदी के कटाव के कारण बड़ी मात्रा में जमीन नदी के पेट में समा चुकी है। इसके बावजूद किसानों को आज भी उक्त जमीन का राजस्व यानी लगान चुकाना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि जब जमीन ही नदी में विलीन हो चुकी है, तो उस पर लगान देना उनके लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन गया है।

2004 में बने तटबंध हुए क्षतिग्रस्त
नदी के कटाव से क्षेत्र को बचाने के लिए वर्ष 2004 में बामडोल से मोहुलडांगरी तक नदी किनारे करीब सात तटबंध बनाए गए थे। इनका उद्देश्य नदी के कटाव को रोकना और किसानों की जमीन को सुरक्षित रखना था। ग्रामीणों का आरोप है कि उचित रखरखाव और समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण ये तटबंध अब क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। तटबंधों की स्थिति खराब होने के कारण बारिश के दौरान नदी का पानी और तेज बहाव सीधे किनारे की जमीन को प्रभावित करता है। इससे हर साल बड़ी मात्रा में कृषि भूमि कटाव की चपेट में आ रही है।
किसानों ने प्रशासन से मांगा स्थायी समाधान
लगातार घट रही खेती योग्य जमीन के कारण किसानों के सामने भविष्य में आजीविका का संकट गहराता जा रहा है। ग्रामीणों और प्रभावित किसानों ने जिला प्रशासन से प्रभावित क्षेत्र का स्थल निरीक्षण और सर्वे कराने की मांग की है। किसानों ने क्षतिग्रस्त तटबंधों की तत्काल मरम्मत कराने के साथ-साथ नदी किनारे मजबूत और स्थायी तटबंध का निर्माण कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाया गया तो आने वाले वर्षों में स्वर्णरेखा का कटाव और अधिक कृषि भूमि को अपनी चपेट में ले सकता है।
बहरागोड़ा में चार फीट पानी में डूबी पुलिया, पांच गांवों का आवागमन प्रभावित
लगातार हो रही बारिश के कारण बहरागोड़ा प्रखंड की ब्रामणकुंडी पंचायत में पांचबड़िया से घासपदा जाने वाली मुख्य सड़क जलमग्न हो गई है। दोनों गांवों के बीच बनी पुलिया पर करीब चार फीट पानी बह रहा है। पुलिया के डूब जाने से इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। पुलिया के डूबने से तादुआ, गमारिया, कुलिया, पांचबड़िया समेत आसपास के गांवों के ग्रामीणों को घासपदा और ब्रामणकुंडी की ओर जाने के लिए करीब पांच किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। लगातार बारिश के कारण ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है।

हर साल बारिश में डूब जाती है पुलिया
ग्रामीणों का कहना है कि प्रत्येक वर्ष बारिश के मौसम में यह पुलिया पानी में डूब जाती है। इसके बावजूद अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया है। पुलिया पर पानी बढ़ने के कारण सबसे अधिक परेशानी मरीजों, स्कूली बच्चों और आंगनबाड़ी केंद्र जाने वाले बच्चों को होती है। ग्रामीणों ने बताया कि किसी मरीज को अस्पताल ले जाने की स्थिति में उन्हें करीब पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर मुख्य सड़क तक पहुंचना पड़ता है। इससे आपात स्थिति में भी काफी परेशानी होती है।
स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों के अनुसार पुलिया को ऊंचा कर नए सिरे से निर्माण कराने की मांग कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखी गई है। इसके बावजूद अब तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से पुलिया का स्थायी समाधान कराने की मांग की है, ताकि हर वर्ष बारिश के मौसम में पांच गांवों का आवागमन बाधित न हो
लगातार बारिश से खेत लबालब, किसानों के खिले चेहरे; दारिसाई में 63.8 मिमी बारिश दर्ज
घाटशिला। घाटशिला प्रखंड क्षेत्र में पिछले दो दिनों से हुई बारिश से खेत पानी से लबालब हो गए हैं। धान की रोपनी के लिए अनुकूल स्थिति बनने के बाद किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। वहीं, लगातार बारिश के कारण स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए प्रशासन अलर्ट है। गालूडीह बराज के 18 में से 12 गेट खोल दिए गए हैं। दारिसाई मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 16 अगस्त को 2.4 मिमी, 17 अगस्त को बारिश नहीं हुई, जबकि 18 अगस्त को 61.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस तरह संबंधित अवधि में कुल 63.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
खेतों में पर्याप्त पानी, धान की रोपनी में तेजी
लगातार बारिश से घाटशिला क्षेत्र के खेतों में पर्याप्त पानी जमा हो गया है। पानी के अभाव में जिन किसानों की धान रोपनी का काम रुका हुआ था, उन्होंने अब तेजी से रोपनी शुरू कर दी है। किसानों को उम्मीद है कि मौसम का साथ मिलने से इस वर्ष धान की अच्छी पैदावार होगी। बारिश से खेतों में नमी और पानी की पर्याप्त उपलब्धता होने के कारण धान की रोपनी के लिए अनुकूल स्थिति बन गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान खेतों की तैयारी और रोपनी के काम में जुट गए हैं।
बारिश धान की रोपनी के लिए फायदेमंद : डॉ. सीमा सिंह
कृषि विज्ञान केंद्र, दारिसाई की वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ. सीमा सिंह ने बताया कि पिछले दो दिनों की बारिश धान की रोपनी के लिए काफी फायदेमंद है। जिन किसानों के खेतों में पानी की कमी के कारण रोपनी का काम रुका हुआ था, वे अब तेजी से रोपनी का काम पूरा कर सकते हैं। उन्होंने सब्जी उत्पादक किसानों को खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखने की सलाह दी है, ताकि अतिरिक्त पानी खेत में जमा नहीं हो और फसल को नुकसान से बचाया जा सके।
गालूडीह बराज के 12 गेट खोले गए
इधर, लगातार बारिश के कारण स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है। बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए गालूडीह बराज के 18 में से 12 गेट खोल दिए गए हैं। जानकारी के अनुसार, स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर बढ़कर फ्लड लेवल 92.4 तक पहुंच गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने से बराज और आसपास के इलाकों में लोगों की चिंता भी बढ़ गई है। प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। बारिश जारी रहने की स्थिति में नदी का जलस्तर और बढ़ने की संभावना को देखते हुए स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।
लोगों और मछुआरों को सतर्क रहने की अपील
स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर बढ़ने को देखते हुए आसपास के लोगों से नदी और बराज के आसपास जाने में सावधानी बरतने की अपील की गई है। वहीं, मछुआरों को भी नदी में जाने से सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। बारिश से जहां किसानों को धान की रोपनी के लिए बड़ी राहत मिली है, वहीं नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण प्रशासन के सामने जलभराव और सुरक्षा को लेकर सतर्कता बनाए रखने की चुनौती भी बढ़ गई है।
भारी बारिश से दाहीगोड़ा में मकान ध्वस्त, विधायक सोमेश चंद्र सोरेन ने लिया जायजा
घाटशिला : घाटशिला के दाहीगोड़ा में भारी बारिश के कारण दुर्गा हांसदा का कच्चा मकान ध्वस्त हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही घाटशिला विधायक सोमेश चंद्र सोरेन मौके पर पहुंचे और प्रभावित परिवार से मुलाकात कर स्थिति का जायजा लिया।
विधायक ने पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए पीड़ित परिवार को सरकारी राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
मौके पर विधायक ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में वे पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं। उन्होंने प्रशासन से भी परिवार को तत्काल आवश्यक राहत और सहायता उपलब्ध कराने के लिए कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
विधायक के निर्देश के बाद संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा क्षतिग्रस्त मकान का जायजा लेकर पीड़ित परिवार को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
घाटशिला विधानसभा क्षेत्र में CCTV कैमरे लगाने की मांग, विधायक सोमेश चंद्र सोरेन ने SSP को सौंपा मांग-पत्र
घाटशिला : घाटशिला विधानसभा क्षेत्र में अपराध नियंत्रण, सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से विभिन्न चौक-चौराहों एवं महत्वपूर्ण स्थलों पर CCTV कैमरे लगाने की मांग की गई है। इसको लेकर विधायक सोमेश चंद्र सोरेन ने जमशेदपुर में पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. एतशाम वकारिब से मुलाकात कर मांग-पत्र सौंपा।
विधायक ने कहा कि घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील स्थानों पर CCTV कैमरे लगाए जाने से आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। साथ ही यातायात व्यवस्था की निगरानी, अपराध की रोकथाम तथा आपराधिक घटनाओं की जांच में भी पुलिस को सहायता मिलेगी।
मांग-पत्र के माध्यम से घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थलों को चिन्हित कर CCTV कैमरे लगाने के लिए आवश्यक कार्रवाई एवं दिशा-निर्देश देने का आग्रह किया गया।
विधायक सोमेश चंद्र सोरेन ने कहा कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था मजबूत करने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन एवं पुलिस के साथ समन्वय जरूरी है। CCTV कैमरों की निगरानी व्यवस्था मजबूत होने से अपराध पर नियंत्रण के साथ-साथ घटनाओं की जांच में भी पुलिस को महत्वपूर्ण सहायता मिल सकेगी।


