
जमशेदपुर : कोल्हान विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (टाकू), चाईबासा की वार्षिक आम सभा 23 अगस्त 2026 को अब्दुल बारी मेमोरियल (एबीएम) कॉलेज, जमशेदपुर में संघ के अध्यक्ष प्रो. इंदल पासवान की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बैठक का शुभारंभ वरीय शिक्षक डॉ. जे. पी. नारायण और संघ के पदाधिकारियों द्वारा संयुक्त दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। सचिव डॉ. दीपंजय श्रीवास्तव ने स्वागत भाषण दिया, जिसके बाद महासचिव डॉ. अशोक कुमार रवानी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्यय का अंकेक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिसे सर्वसम्मति से मंजूरी दी।
इस दौरान विवि, कॉलेज व शिक्षकों से जुड़े कई मामलों को उठाया गया। इसमें पुनर्संरचना (रिलाइजमेंट) के तहत दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान, बॉटनी, जूलॉजी, उड़िया और बंगला जैसे विषयों को कई कॉलेजों से हटाए जाने के निर्णय पर संघ ने कड़ा ऐतराज जताया। संघ ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के बहुविषयक दृष्टिकोण और स्थानीय भाषा-ज्ञान के आधार पर राज्य सरकार को पत्र लिखकर इन विषयों को समाप्त करने के बजाय सुदृढ़ करने की मांग की।
अकादमिक पहल और संघ का सुदृढ़ीकरण
शोध संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए डॉ. विनय कुमार गुप्ता के संयोजन में एक राष्ट्रीय संगोष्ठी के आयोजन और गुणवत्तापूर्ण रिसर्च जर्नल के प्रकाशन का फैसला लिया गया। इसके अतिरिक्त, संघ के वैधानिक पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू करने के लिए महासचिव को अधिकृत किया गया और वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सदस्यता शुल्क नियमित करने का आह्वान हुआ। विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षकों पर दर्ज एफआईआर के मामले में तथ्यों के अध्ययन के बाद निष्पक्ष समीक्षा और वैधानिक राहत की पहल करने का संकल्प लिया गया।
लोकतांत्रिक संघर्ष का संकल्प और सम्मान समारोह
सभा ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया कि संघ शिक्षकों के अधिकार, सेवा सुरक्षा, वेतन-पेंशन और शैक्षणिक स्वायत्तता के लिए संवाद और लोकतांत्रिक माध्यमों से संघर्ष जारी रखेगा। समारोह में ‘जुटान’ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों—उपाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार रवानी, प्रकाशन सचिव डॉ. विनय कुमार गुप्ता एवं संयुक्त सचिव डॉ. स्वाति सोरेन को पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। मंच संचालन डॉ. अनिल चंद्र पाठक ने और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. ज्ञानती कुमारी प्रसाद ने किया। बैठक में डॉ. मनोज कुमार महापात्र, प्रो. मुश्ताक अहमद, डॉ. वीणा सिंह प्रियदर्शी, डॉ. संजय कुमार सिंह, डॉ. संगीता बिरुआ, डॉ. संदीप चंद्रा, डॉ. पास्कल बेक सहित विभिन्न महाविद्यालयों के अनेक शिक्षक उपस्थित थे।
यह प्रस्ताव भी हुए पारित
प्रोमोशन व वेतन निर्धारण: अनावश्यक विलंब पर चिंता जताते हुए विश्वविद्यालय, कुलाधिपति और राज्य सरकार से समयबद्ध निष्पादन की मांग की जाएगी। 2020 या उसके बाद नियुक्त शिक्षकों की चार वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर नियमानुसार शीघ्र प्रोन्नति प्रक्रिया शुरू करने का दबाव बनाया जाएगा।
वेतन भुगतान एवं परीक्षा पारिश्रमिक: शिक्षकों एवं कर्मचारियों को हर माह के प्रथम सप्ताह में नियमित वेतन देने की स्थायी व्यवस्था की मांग उठी। साथ ही परीक्षा केंद्र व्यय एवं मूल्यांकन पारिश्रमिक का भुगतान परीक्षा पूर्व व तय समय-सीमा में करने पर बल दिया गया।
जीपीएफ और प्रतिनियुक्ति: शिक्षकों के वर्तमान भविष्य निधि को सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) में परिवर्तित करने तथा डॉ. राजेश कुमार की 10 वर्ष से अधिक समय से जारी प्रतिनियुक्ति की समीक्षा की मांग रखी गई।
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