
Ranchi : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत सोमवार 24 अगस्त को 17 दिवसीय विदेश दौरे पर दिल्ली से रवाना होंगे। संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर चलाए जा रहे वैश्विक संपर्क अभियान के तहत वह अमेरिका, कनाडा और इंग्लैंड की यात्रा करेंगे। इस दौरान न्यूयार्क, टोरंटो और लंदन में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेकर भारतीय मूल के लोगों और हिंदू समाज के प्रतिनिधियों से संवाद करेंगे।
कार्यक्रम के अनुसार डॉ. मोहन भागवत सोमवार को नई दिल्ली से अमेरिका के लिए रवाना होंगे। उनका न्यूयार्क में 29 अगस्त को एक विशेष कार्यक्रम प्रस्तावित है। यात्रा के दौरान वह सार्वभौमिक एकता से जुड़े कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। वहीं, टोरंटो और लंदन में सामाजिक नेतृत्व से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
आरएसएस के अनुसार, विदेशों में हिंदू स्वयंसेवक संघ (एचएसएस) के नाम से करीब 40 देशों में संघ की गतिविधियां संचालित हो रही हैं। कई देशों में नियमित शाखाएं भी लगती हैं, जिनसे बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग जुड़े हुए हैं। डॉ. भागवत की यह यात्रा विदेशों में रहने वाले हिंदुओं और भारतीय समुदाय के साथ संपर्क और संवाद को मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है।
आरएसएस के सह सरकार्यवाह सीआर मुकुंद ने बताया कि यात्रा का प्रमुख उद्देश्य भारत, हिंदू समाज और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लेकर दुनिया में फैली भ्रांतियों और दुष्प्रचार के बीच तथ्यपरक एवं सकारात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत करना है। साथ ही भारत की प्राचीन परंपरा, ऋषि-मुनियों के ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ के संदेश और विश्व की एकात्मता की अवधारणा को वैश्विक समाज तक पहुंचाना भी यात्रा के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।
उन्होंने कहा कि विदेशों में रह रहे हिंदुओं और भारतीय मूल के लोगों के हितों एवं अधिकारों को लेकर मुख्यधारा के समाज के साथ संवाद बढ़ाने पर भी यात्रा के दौरान विशेष जोर दिया जाएगा।

