
पलामू : झारखंड के पलामू जिले में अपराध पर नियंत्रण और जेल से छूटे लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने के उद्देश्य से चैनपुर थाना परिसर में रविवार को विशेष थाना परेड आयोजित की गई। आपराधिक मामलों में आरोपित रहे और जेल से बाहर आने के बाद क्षेत्र में रह रहे कुल 117 लोगों को इस परेड में शामिल किया गया। पलामू के पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने सभी से बातचीत कर उनकी वर्तमान गतिविधियों की जानकारी ली और उन्हें दोबारा अपराध की राह पर नहीं लौटने की नसीहत दी। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अपराध का रास्ता व्यक्ति के साथ उसके पूरे परिवार के भविष्य को प्रभावित करता है। उन्होंने परेड में शामिल लोगों से कानून का पालन करने, किसी भी आपराधिक गतिविधि से दूर रहने और समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर जिम्मेदार जीवन जीने की अपील की।
चैनपुर थाना परेड में हत्या, लूट और आर्म्स एक्ट के 117 लोग शामिल
चैनपुर थाना परिसर में आयोजित परेड में हत्या, लूट, चोरी, आर्म्स एक्ट और अन्य आपराधिक मामलों में आरोपित रहे लोग शामिल हुए। पुलिस के अनुसार, परेड में हत्या के मामलों से जुड़े 26, लूट के 15, चोरी के 15 और आर्म्स एक्ट के 31 लोग शामिल थे। इसके अलावा अन्य आपराधिक मामलों से जुड़े 28 लोगों को भी थाना परेड में बुलाया गया था। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने परेड में शामिल लोगों की पहचान और उनकी मौजूदा गतिविधियों से संबंधित जानकारी ली। जेल से छूटने के बाद उनकी दिनचर्या और वर्तमान स्थिति की भी जानकारी जुटाई गई। पुलिस का कहना है कि इस तरह की थाना परेड का मुख्य उद्देश्य आपराधिक मामलों में शामिल रहे लोगों की गतिविधियों की निगरानी करना और उन्हें भविष्य में किसी भी अपराध से दूर रहने के लिए प्रेरित करना है।
पलामू एसपी कपिल चौधरी ने अपराध छोड़ने की दी सलाह
थाना परेड के दौरान पलामू एसपी कपिल चौधरी ने सभी 117 लोगों से बातचीत की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जेल से छूटने के बाद दोबारा अपराध की दुनिया में जाने के बजाय समाज की मुख्यधारा में लौटना जरूरी है। एसपी ने कहा कि अपराध का रास्ता कभी भी स्थायी समाधान नहीं हो सकता। आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने से व्यक्ति को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ता है और इसका असर उसके परिवार तथा सामाजिक जीवन पर भी पड़ता है।
उन्होंने परेड में शामिल लोगों को अपने परिवार के प्रति जिम्मेदारी निभाने और शांतिपूर्ण जीवन जीने की सलाह दी। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि कानून का पालन कर सामान्य जीवन अपनाने से ही व्यक्ति अपने और परिवार के भविष्य को बेहतर बना सकता है।
दोबारा अपराध में शामिल होने पर होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई
पुलिस की ओर से परेड में शामिल लोगों को यह भी स्पष्ट किया गया कि भविष्य में किसी भी आपराधिक गतिविधि में संलिप्त पाए जाने पर कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने सभी को अपराध से पूरी तरह दूर रहने की चेतावनी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि थाना परेड केवल निगरानी की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य अपराध की राह छोड़ चुके या छोड़ने की इच्छा रखने वाले लोगों को समाज की मुख्यधारा में शामिल होने के लिए प्रेरित करना भी है। ऐसे लोगों की गतिविधियों की जानकारी रखकर पुलिस यह सुनिश्चित करने का प्रयास करती है कि क्षेत्र में दोबारा किसी आपराधिक घटना में उनकी संलिप्तता न हो।
जेल से छूटे लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए थाना परेड
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, थाना स्तर पर आयोजित होने वाली इस तरह की परेड अपराध नियंत्रण की रणनीति का हिस्सा है। जेल से छूटकर आने वाले लोगों से सीधे बातचीत के माध्यम से पुलिस उनकी वर्तमान गतिविधियों और परिस्थितियों की जानकारी प्राप्त करती है। पुलिस का मानना है कि समय-समय पर संपर्क और निगरानी से संभावित आपराधिक गतिविधियों को रोकने में मदद मिल सकती है। साथ ही ऐसे लोगों को कानूनी और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने का भी प्रयास किया जाता है।
चैनपुर थाना परिसर में मौजूद रहे पुलिस अधिकारी
थाना परेड के दौरान अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राजेश कुमार यादव, चैनपुर थाना प्रभारी लालजी, थाना के अन्य पुलिस पदाधिकारी, जवान और चौकीदार मौजूद रहे। सभी पुलिसकर्मियों की उपस्थिति में परेड की प्रक्रिया पूरी की गई।


