
चाईबासा : सावन माह की चौथी व अंतिम सोमवारी को लेकर पश्चिम सिंहभूम जिला मुख्यालय समेत विभिन्न जगहों में शिवभक्ति का उत्साह चरम पर है। रविवार सुबह से ही शिव भक्त चाईबासा रोरो नदी तट पर स्थित करणी मंदिर पहुंचने लगे थे। दोपहर के बाद यहां स्नान कर विधिवत पूजा अर्चना कर डाक कांवरियो ने जल उठाकर पैदल ही मुर्गा महादेव के लिए रवाना होने का सिलसिला शुरू हो गया। करणी मंदिर के समीप ही विभिन्न संस्था संगठनों की ओर से डाक कांवरियों को पूजन सामग्री समेत अन्य जरूरी सामग्री देकर विदा करते हुए दिखे। इसी तरह हाट गम्हारिया के हाकुईयम से भी विधिवत पूजा अर्चना के बाद जल उठाकर मुर्गा महादेव के लिए प्रस्थान का सिलसिला शुरू हो गया है।

डीजे के भक्ति गीतों पर झूमते हुए रवाना
ये कांवरिया झारखंड-उड़ीसा सीमा पर स्थित नोवामुंडी के प्रसिद्ध मुर्गा महादेव पहुंचकर जलाभिषेक करेंगे। डीजे के भक्ति गीतों पर झूमते हुए डाक बम बाबा धाम के लिए रवाना हुए। हर हर महादेव और बोल बम के जयकारों से गूंज उठा।
बता दें कि विभिन्न संस्था संगठन की ओर से देर रात तक सेवा शिविर द्वारा श्रद्धालुओं की भक्ति भाव से सेवा की जाएगी। जिससे डाक बम को राहत मिलती है। डाक कांवरियों का यह जत्था चाईबासा-झींकपानी-हाटगम्हारिया मुख्य मार्ग से गुजरता दिखा।

भक्ति के साथ देशभक्ति का भी माहौल
डाक बमों को अपनी यात्रा के दौरान कहीं रुकना नहीं होता है और उन्हें लगातार चलते रहना पड़ता है। सावन के चौथी व अंतिम सोमवार होने के कारण डाक बमों की संख्या अत्यधिक रही। डाक कांवरियों की भारी भीड़ से पूरा कांवरिया पथ केसरिया रंग में रंग गया।
हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। केसरिया वस्त्रों में शिवभक्तों की टोलियां डीजे की धुन पर थिरकते हुए पूरे जोश के साथ आगे बढ़ती रहीं। कई श्रद्धालु हाथों में तिरंगा झंडा लेकर चल रहे थे, जिससे भक्ति के साथ देशभक्ति का भी माहौल देखने को मिला।
प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क
डाक बमों की भीड़ देखने के लिए सड़क किनारे ग्रामीणों, महिलाओं और बच्चों की भीड़ लगी रही। कांवरियों की सेवा के लिए जगह-जगह शिविर लगाए गए हैं, जहां नींबू पानी, फल, दवाइयां, आयोडेक्स और ठंडा-गर्म पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। देर रात तक इन सेवा शिविरों में श्रद्धालुओं की सेवा जारी रहेगी। वहीं, विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा।


