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Jharkhand High Court : सुप्रीम कोर्ट की सिफारिश को मंजूरी देते हुए केंद्र ने झारखंड को दिए तीन नए जज

झारखंड के अलावा चार अन्य हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति ,

by Mujtaba Haider Rizvi
Jharkhand High Court Judges
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रांची : सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने दिल्ली, जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख, झारखंड और कर्नाटक हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति को लेकर 14 नामों की सिफारिश की है। इनमें स्थायी और अतिरिक्त न्यायाधीशों के नाम शामिल हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के लिए निवेदिता अनिल शर्मा और निशा सहाय सक्सेना के नामों की सिफारिश की गई है। वहीं संजय शर्मा, भरत पाराशर, डॉ. अदिति चौधरी, अरुण भारद्वाज और दिनेश भट्ट को दिल्ली हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की गई है। जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के लिए यशपाल बोर्ने को न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की गई है। इसके अलावा कर्नाटक हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में उषारानी, के.एस. भरत कुमार और नेराले वी. भवानी के नाम की सिफारिश की गई है। अंतिम नियुक्ति संबंधित संवैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रभावी होगी।

झारखंड हाईकोर्ट में तैनात किए गए यह जज

झारखंड हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा के नामों की सिफारिश की गई है।

उच्च न्यायालय की पीठ में शामिल होने वाले तीनों चेहरे राज्य की निचली न्यायपालिका में लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे थे। इनमें
​मनोज प्रसाद – तत्कालीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, गढ़वा।
​अखिल कुमार – तत्कालीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, साहिबगंज।
​राम शर्मा -तत्कालीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, डालटनगंज।

​सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने हाल ही में इन तीन वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों की पदोन्नति की अनुशंसा की थी, जिसे केंद्र से हरी झंडी मिलने के बाद अंतिम रूप दे दिया गया।

इन नए अपॉइंटमेंट्स के बाद अब राज्य के मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक के नेतृत्व वाले इस उच्च न्यायालय में कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या 13 से बढ़कर 16 हो गई है। हालांकि, मुकदमों के त्वरित निष्पादन के लिहाज से देखा जाए तो झारखंड हाईकोर्ट के लिए मंजूर कुल 25 पदों की तुलना में अभी भी 9 पद खाली हैं।
​विशेषज्ञों का मानना है कि बेंच की संख्या बढ़ने से उच्च न्यायालय में लंबित पड़े मामलों के निपटारे की प्रक्रिया में काफी तेजी आएगी और आम जनता को जल्द न्याय मिल सकेगा।

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