Ranchi: राज्य में मतदान केंद्रों के मैपिंग की प्रक्रिया तेज़ी से चल रही है। इस क्रम में मतदान केंद्रों और उनके क्षेत्र की जियो-फेंसिंग भी कराई जा रही है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने निर्देश दिया है कि जिन घरों में अब तक मकान संख्या नहीं है, उन्हें नोशनल (काल्पनिक) मकान संख्या ज़रूर दी जाए।

उन्होंने कहा कि कई नए मकान या ऐसे घर हैं जिनकी पहचान मकान संख्या के अभाव में साफ नहीं हो पाती। इससे एक ही परिवार के मतदाताओं को अलग-अलग मतदान केंद्रों पर जाना पड़ सकता है। इस मसले के समाधान के लिए नोशनल नंबर जारी करना बेहद आवश्यक है, ताकि बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) अपने इलाके के मतदाताओं तक आसानी से पहुंच सकें।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी निर्वाचन सदन से सभी जिलों के उप निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिया कि मतदान केंद्रों के युक्तिकरण के दौरान सभी मकानों को चिन्हित कर उन्हें मकान संख्या या नोशनल मकान संख्या दी जाए और उसी के आधार पर मतदाताओं की मैपिंग की जाए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी एक मतदान केंद्र पर 1200 से अधिक मतदाता सूचीबद्ध न हों, इसे ध्यान में रखते हुए ही युक्तिकरण की प्रक्रिया पूरी की जाए। इससे आगामी मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण कार्य में काफी सहूलियत होगी।
के. रवि कुमार ने बताया कि मतदाताओं और बीएलओ के बीच संपर्क मजबूत करने के लिए घर-घर स्टीकर लगाए जाएंगे। इन स्टीकरों पर संबंधित मतदान केंद्र क्षेत्र के बीएलओ का नाम, विधानसभा क्षेत्र, पार्ट नंबर, मकान संख्या या नोशनल मकान संख्या तथा बीएलओ का मोबाइल नंबर अंकित रहेगा।
उन्होंने कम मैपिंग वाले क्षेत्रों में वोटर आउटरीच कार्यक्रम चलाने का भी निर्देश दिया, ताकि अधिक से अधिक योग्य मतदाताओं को मतदाता सूची में जोड़ा जा सके और कोई भी पात्र मतदाता छूटने न पाए।
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