
Road Accident Deaths Jharkhand : रांची : झारखंड में सड़क हादसे लगातार लोगों की जान लील रही है। तेज रफ्तार, लापरवाही, नशा, खराब सड़कें और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण सड़कें हादसों का केंद्र बनती जा रही हैं। हालत ये हैं कि राज्य में हर दिन औसतन 17 सड़क हादसे हो रही हैं। हर दिन करीब 14 लोगों की सांसे भी थम जा रही है। घर से काम के लिए निकले लोगों के सुरक्षित लौटने की गारंटी नहीं रह गई है। पिछले छह महीनों के आंकड़े भयावह हैं। इन 6 महीनों में सड़क हादसों ने राज्य के सभी 24 जिलों में बड़ी संख्या में लोगों की जान लील ली। इस दौरान करीब 3020 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इन हादसों में 2478 लोगों ने अपनी जिंदगी गवां दी।
Jharkhand Accident Data : एक दुर्घटना के बाद बदल जाती है परिवारों की जिंदगी
आंकड़ों के अनुसार, पिछले 6 महीनों के दौरान झारखंड में सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वालों की संख्या चिंताजनक बनी हुई है। एक हादसा कई परिवारों की जिंदगी पूरी तरह बदल देता है। जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो राजधानी रांची में पिछले 6 महीनों में 408 सड़क हादसे हुई। इनमें 286 लोगों की मौत हुई।
वहीं, धनबाद में 208 हादसों में 118 लोगों ने जान गंवाई। हजारीबाग में 195 सड़क हादसे दर्ज किए गए, जिनमें 163 लोगों की मौत हो गई। गिरिडीह में छह महीने के दौरान 194 सड़क हादसे हुए और 180 लोगों की मौत हुई। चाईबासा में 117 दुर्घटनाओं में 114 लोगों की जान चली गई। इसी तरह सिमडेगा में 83 सड़क हादसों में 82 लोगों की मौत दर्ज की गई। पाकुड़ में 43 सड़क हादसों में 42 लोगों की मौत हुई, जबकि जामताड़ा में 45 दुर्घटनाओं में 41 लोगों ने जान गंवाई। सिमडेगा, पाकुड़ और जामताड़ा में हादसों की संख्या भले ही कम हो, लेकिन यहां हादसों की संख्या और मौतों का आंकड़ा लगभग बराबर है।

पलामू में 170 हादसों में 135 और बोकारो में 169 एक्सिडेंट में 125 लोगों की जान कई। जमशेदपुर में 166 हादसों में 117 लोगों ने अपनी जान गवार्इं। गुमला में 150 एक्सिडेंट में 136 लोगों की सांसे थम गई। दुमका में 134 हादसों में 122 लोगों, रामगढ़ में 126 दुर्घटनाओं में 107 और सरायकेला में 125 हादसों में 107 लोगों की मौत हुई। वहीं, देवघर में 121 सड़क हादसों में 86 लोगों, खूंटी में 100 एक्सिडेंट में 91, गढ़वा में 100 एक्सिडेंट में 72 और चतरा में 84 हादसों में 77 लोगों की मौत हो गई।
लातेहार में 83 एक्सिडेंट में 65 लोगों, गोड्डा में 72 हादसों में 64, साहिबगंज में 69 एक्सिडेंट में 55 लोगों की मौत हुई। लोहरदगा और कोडरमा में 58-58 सड़क हादसे हुए, लोहरदगा में 51 और कोडरमा में 42 लोगों ने अपनी जान गवा दीं।
Jharkhand, Traffic Rules : ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पड़ सकती भारी
पुलिस के अनुसार, सड़क हादसों की प्रमुख कारणों में तेज रफ्तार, नशे में वाहन चलाना, हेलमेट का इस्तेमाल नहीं करना और जल्दबाजी में ओवरटेक करना शामिल हैं। समय बचाने की कोशिश में कई चालक तेज गति से ड्राइव करते हैं। सड़क पर सामने से आने वाले वाहनों, मोड़ों और आसपास चल रहे लोगों का सही अंदाजा नहीं लगा पाने के कारण हादसे हो सकती हैं। तेज रफ्तार में वाहन चलाने पर चालक को अचानक सामने आए किसी वाहन या व्यक्ति से बचने के लिए कम समय मिलता है। ऐसे में वाहन पर नियंत्रण खोने या दूसरी गाड़ी से टकराने का खतरा बढ़ जाता है।
संकरी सड़कों और तीखे मोड़ों पर गलत तरीके से ओवरटेक करना गंभीर
संकरी सड़कों और तीखे मोड़ों पर गलत तरीके से ओवरटेक करना भी हादसों का गंभीर कारण है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट का इस्तेमाल बेहद जरूरी है। दुर्घटना के दौरान सिर में गंभीर चोट लगने से जान जाने का खतरा बढ़ जाता है। हेलमेट सिर को चोट से बचाने में मदद करता है। इसके बावजूद यदि चालक सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल नहीं करते हैं, तो दुर्घटना के परिणाम गंभीर हो सकते हैं। इसी तरह नशे में वाहन चलाने से चालक की निर्णय लेने और वाहन पर नियंत्रण रखने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। ऐसे में दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। सड़क पर वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करना, निर्धारित गति सीमा में रहना और दूसरे वाहनों से उचित दूरी बनाए रखना जरूरी है।
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