
चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले उलीझारी गांव में रविवार की शाम रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक वीभत्स घटना सामने आई है। नशे की गिरफ्त में आए एक युवक ने घरेलू कलह के चलते ऐसा बवाल किया कि पुलिस विभाग में तैनात अपने पिता, बड़े भाई और सौतेली बहन खून से लथपथ हो गए।
इस दर्दनाक वारदात में जख्मी हुए लोगों की शिनाख्त तांतनगर ओपी में अपनी सेवाएं दे रहे सहायक अवर निरीक्षक (ASI) गुईया कुदादा, उनके पुत्र लखन कुदादा और पुत्री सुशीला कुदादा के रूप में हुई है। घटना के फौरन बाद परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से तीनों घायलों को फौरन चाईबासा सदर अस्पताल पहुंचाया गया। वहां मौजूद चिकित्सकों ने बताया कि समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण सभी की जान खतरे से बाहर है, हालांकि दो लोगों की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।
ड्यूटी पर जाने की तैयारी के दौरान हुआ हमला
एएसआई की पत्नी ने आपबीती साझा करते हुए बताया कि इस पूरे कांड को उनके मंझले बेटे मनीष कुदादा ने अंजाम दिया है। रविवार की शाम लगभग 6 बजे के आसपास एएसआई गुईया कुदादा अपनी वर्दी पहनकर ड्यूटी पर निकलने की तैयारी में जुटे थे। इसी दौरान मनीष घर में दाखिल हुआ और बिना किसी ठोस वजह के अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने लगा। विरोध करने पर उसने उग्र होकर पिता पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोप है कि उसने धारदार हथियार (बांकी) से वार कर अपने ही पिता को गंभीर रूप से जख्मी कर दिया।
बीच-बचाव करने आए भाई और बहन को भी नहीं बख्शा
पिता पर हमले की यह खौफनाक वारदात देखकर जब बड़ा भाई लखन कुदादा उन्हें बचाने दौड़ा, तो नशे में चूर आरोपी ने उस पर भी प्रहार कर दिया। चीख-पुकार सुनकर बीच-बचाव करने आई बहन सुशीला कुदादा को भी आरोपी ने बुरी तरह पीटा और सड़क पर पटक दिया। इस क्रूरतापूर्ण हमले में सुशीला के सिर पर गंभीर चोटें आईं।
घटना की भनक लगते ही स्थानीय थाने की पुलिस हरकत में आई और तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर पूरे मामले की छानबीन शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, इस सिलसिले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की कागजी कार्रवाई तेजी से पूरी की जा रही है।

