Home » Jharkhand The Photon Exclusive: राज्य निर्वाचन आयोग का फार्मूला जारी, नगर निकाय चुनाव में वार्ड आरक्षण की कवायद शुरू

Jharkhand The Photon Exclusive: राज्य निर्वाचन आयोग का फार्मूला जारी, नगर निकाय चुनाव में वार्ड आरक्षण की कवायद शुरू

अंचल कर्मी तैयार करेंगे वार्डों की रिजर्वेशन सूची, पंचायत विभाग करेगा क्रॉसचेक, तब आयोग को भेजा जाएगा चार्ट

by Mujtaba Haider Rizvi
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

Jamshedpur : झारखंड में नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिका चुनाव की तैयारी जोर-शोर से शुरू कर दी गई है। नगर निकायों में वार्ड आरक्षण की कवायद शुरू कर दी गई है। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने आरक्षण का फार्मूला जारी कर दिया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने झारखंड के सभी डीसी को पत्र भेज कर वार्डों के आरक्षण की गुणा-गणित शुरू करने का निर्देश दिया है। सभी जिलों में अंचल कार्यालय में वार्ड आरक्षण का खाका तैयार किया जाएगा। इसके बाद इसे जिलों के पंचायत विभाग को भेजा जाएगा। जिले के पंचायत विभाग के अधिकारी इसे क्रॉसचेक करेंगे।

अगर इसमें गड़बडी पाई जाएगी, तो इसे वापस अंचल को भेजा जाएगा। वहां से करेक्शन होकर दोबारा आने के बाद वार्ड आरक्षण के इस खाके को डीसी के पास भेजा जाएगा। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद इसे राज्य निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग की हरी झंडी मिलने के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा। झारखंड में नगर निकायों के चुनाव होने वाले हैं। हाईकोर्ट कई बार जल्द चुनाव कराने संबंधी आदेश प्रदेश सरकार को दे चुका है। इसके बाद राज्य सरकार हरकत में आ गई है। मुख्य सचिव ने राज्य निर्वाचन आयोग से चुनाव की तैयारी करने के लिए कह दिया है।

मुख्य सचिव के निर्देश के बाद से आयोग हरकत में आ गया है। पहले आयोग ने नगर निकायों में पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या जारी की और अब सभी उपायुक्तों को वार्डों की आरक्षण सूची जल्द तैयार करने को कह दिया है।

सबसे पहले तय होगा अनुसूचित जाति का आरक्षण

आयोग ने वार्ड आरक्षण का जो फार्मूला बताया है, उसके अनुसार सबसे पहले अनुसूचित जाति का आरक्षण तय किया जाएगा। जिस वार्ड में अनुसूचित जाति की संख्या फार्मूला के अनुसार अधिक होगी, तो उस वार्ड को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया जाएगा। इसके बाद देखा जाएगा कि इस फार्मूले के अनुसार किस वार्ड में अनुसूचित जनजाति की संख्या अधिक है। जिन वार्डों में अनुसूचित जनजाति की संख्या सबसे अधिक है, वह वार्ड अगर पहले अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो चुका है, तो उसे छोड़ देना है। अनुसूचित जनजाति की संख्या के हिसाब से उसके बाद आने वाले वार्डों को एसटी के लिए आरक्षित कर दिया जाएगा। इसके बाद अत्यंत पिछड़ा वर्ग की आबादी देखी जाएगी। अगर किसी वार्ड में अत्यंत पिछड़ा वर्ग की आबादी अधिक होगी और वह पहले एससी और एसटी के लिए आरक्षित हो चुका है तो उसे छोड़ देना है। इसके बाद की अधिक आबादी वाले वार्डों को अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित करना होगा। इसी तरह, पिछड़ा वर्ग-2 की आबादी देखी जाएगी। अगर, ऐसा वार्ड मिलता है, जहां पिछड़ा वर्ग-2 की आबादी अधिक है और वह पहले किसी अन्य श्रेणी के लिए आरक्षित हो चुका है तो उसके बाद के वार्डों को पिछड़ा वर्ग-2 के लिए आरक्षित किया जाएगा।

कितनी आबादी पर कितने वार्ड होंगे आरक्षित

नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिका के चुनाव में कितने वार्ड किस श्रेणी के लिए आरक्षित होंगे, राज्य निर्वाचन आयोग ने इसकी गणना भी समझा दी है। आयोग के अनुसार, उदाहरण के तौर पर कहा है कि अगर किसी नगर निगम निकाय की आबादी 58 हजार 430 है तो यहां कुल 23 वार्ड होंगे। अगर इस नगर निकाय में अनुसूचित जाति की आबादी 5316 है। तो वार्ड आरक्षण का खाका बना रहे कर्मचारी को यहां अनुसूचित जाति का प्रतिशत निकालना होगा। आयोग ने बताया है कि इस निकाय में अनुसूचित जाति का प्रतिशत 9.09 आ रहा है। अब कुल 23 वार्ड में से अनुसूचित जाति का प्रतिशत निकाला जाएगा। यह प्रतिशत 2.09 आ रहा है। यानि इस नगर निकाय में कुल 23 वार्डों में से दो वार्ड अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होंगे। इसी तरह, अगर इस नगर निकाय में अनुसूचित जनजाति की संख्या 8211 है तो अंचल के कर्मचारियों को अनुसूचित जनजाति की संख्या का प्रतिशत निकालना होगा। इस नगर निकाय में यह प्रतिशत 14.05 होगा। अब कुल 23 वार्ड से अनुसूचित जनजााति के आबादी के प्रतिशत निकाला जाएगा। यह 3.23 आता है। यानी इस नगर निकाय में अनुसूचित जनजाति आरक्षित वार्डों की संख्या तीन होगी।

अब अगर इस निकाय में पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या 33 हजार 215 है। इसका कुल आबादी से प्रतिशत 56.84 आता है। पिछड़ा वर्ग की आबादी के प्रतिशत का कुल वार्ड से प्रतिशत के अनुसार पिछड़ा वर्ग के लिए कुल छह वार्ड आरक्षित होंगे। अत्यंत पिछड़ा वर्ग की संख्या 23 हजार 915 है। तब अत्यंत पिछड़ा वर्ग की संख्या का प्रतिशत निकाला जाएगा। यह प्रतिशत 40.93 आता है। छह वार्ड से कुल 23 वार्ड के प्रतिशत के हिसाब से अत्यंत पिछड़ा वर्ग के चार वार्ड आरक्षित होंगे। पिछड़ा वर्ग की आबादी के प्रतिशत के हिसाब से उसके वार्डों की संख्या दो होगी। बाकी अन्य के लिए 12 सीटें बचेंगी।

Related Articles