
रांची : झारखंड में शनिवार को मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के कई हिस्सों के लिए बारिश, वज्रपात और तेज हवा का पूर्वानुमान जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। राजधानी रांची सहित छह जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने और गर्जन के साथ बिजली गिरने की आशंका भी व्यक्त की गई है। मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
झारखंड मौसम अपडेट : इन 6 जिलों में भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार रांची, हजारीबाग, रामगढ़, लोहरदगा, गुमला और खूंटी जिलों में आज कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों में दिनभर आसमान में बादल छाए रहने के साथ रुक-रुककर तेज वर्षा होने की संभावना है। लगातार बदलते मौसम को देखते हुए संबंधित जिलों के प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
झारखंड में वज्रपात और तेज हवा का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के विभिन्न हिस्सों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। अनुमान है कि कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ गर्जन और वज्रपात की घटनाएं भी हो सकती हैं, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
मौसम विभाग ने किसानों को खेतों में खड़ी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी है। वहीं लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, ऊंचे स्थान और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें तथा सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।
अगले पांच दिनों का झारखंड मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार 19 जुलाई को भी पूरे राज्य में बारिश और गर्जन के साथ मौसम सक्रिय बना रहेगा। इसके बाद 20 और 21 जुलाई को दक्षिण-पश्चिमी, उत्तर-पश्चिमी और मध्य झारखंड के कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। इन दिनों भी तेज हवा और वज्रपात का खतरा रहेगा। हालांकि 22 और 23 जुलाई को मौसम में कुछ सुधार होने के संकेत हैं और अधिकांश क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रह सकता है।
मौसम में बदलाव की वजह क्या है?
मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार उत्तर ओडिशा के पास बना कम दबाव का क्षेत्र अब कमजोर पड़ गया है। वर्तमान में इसका प्रभाव गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड के आसपास बना हुआ है। हालांकि मानसून द्रोणी अभी भी राज्य के ऊपर सक्रिय है, जिसके कारण बादल बनने और वर्षा की अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। यही वजह है कि कई जिलों में लगातार बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बनी हुई है।
पिछले 24 घंटे में कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान झारखंड के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हुई। लातेहार जिले के बालूमाथ में सबसे अधिक 100 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। तापमान की बात करें तो बोकारो थर्मल में अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि लातेहार में न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
झारखंड में अब भी सामान्य से 40 प्रतिशत कम बारिश
मानसून सक्रिय होने के बावजूद राज्य में वर्षा का आंकड़ा सामान्य से काफी कम बना हुआ है। एक जून से 17 जुलाई तक झारखंड में औसतन 40 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। राज्य के 24 में से 22 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है, जिससे कई क्षेत्रों में खेती प्रभावित होने लगी है और सूखे जैसी स्थिति बनने की आशंका बढ़ गई है।
गढ़वा में 72 प्रतिशत, चतरा में 70 प्रतिशत और कोडरमा में 63 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा देवघर, पाकुड़, हजारीबाग और साहिबगंज में भी सामान्य से 50 प्रतिशत से कम वर्षा हुई है। दूसरी ओर सिमडेगा ऐसा जिला है, जहां वर्षा की कमी सबसे कम रही है और वहां स्थिति सामान्य के अपेक्षाकृत करीब बनी हुई है। लगातार कम बारिश को देखते हुए कृषि क्षेत्र पर भी इसका असर पड़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
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