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Jharkhand के आदिवासी, एसएसी-एसटी वंचित वर्ग को दक्ष बनाए आइआइटी

by Rakesh Pandey
Jharkhand
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धनबाद : राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि झारखंड (Jharkhand) खनिज संपदा में धनी हैं, लेकिन यहां के लोग गरीब हैं। आइआइटी आइएसएम जैसे संस्थान अपने यहां विशेषज्ञों की टीम बनाकर झारखंड (Jharkhand) के आदिवासी, एसएसी-एसटी आदि वंचित वर्ग को दक्ष बनाने का काम करें। ताकि ये बच्चे भी इंजीनियरिंग की तैयारी कर अपना और झारखंड के विकास में भूमिका निभा सकें। स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा बेहतर मिलने पर ही इनकी स्थिति सुधर सकती है।

Jharkhand के एसएसी-एसटी वंचित वर्ग को दक्ष बनाए आइआइटी

आइआइटी आइएसएम जैसे तकनीकी संस्थान कम से कम पांच प्रतिशत टेक्नोक्रेट को आंत्रप्रन्योर बनने को प्रेरित करें। यही आगे चलकर देश के विकास में आर्थिक रूप से भागीदारी निभाएंगे। Jharkhand के राज्यपाल शनिवार को गोल्डन जुबली लेक्चर थियेटर में आयोजित आइआइटी आइएसएम के 98वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आप सभी ने समाज से काफी कुछ लिया है, अब वापस करने का समय है। यही वास्तविक सफलता होगी।

स्मार्ट थिंकिंग, नए आइडिया और इनोवेशन पर ध्यान दें। पहले कंप्यूटर आकार काफी बड़ा हुआ करता था, आज आपके पाकेट में है। यह तकनीक से संभव हो पाया है। जरूरतें आपको सिखाती हैं, इसलिए हमेशा सीखते रहें। अच्छी थ्योरी लागू करें, इससे बेहतर परिणाम निकलता है। शिक्षा नेक्स्ट जनरेशन लीडर बनाता है। तकनीक तेजी से बदल रही है और जरूरतें तकनीक पैदा करती हैं।

हम समाज और देश की भलाई के लिए क्या तैयार कर रहे हैं यह मायने रखता है। शिक्षा आत्मविश्वास बढ़ाता है। इसके लिए शार्ट टर्म एवं लांग टर्म योजना बनाएं। शिक्षा से ही समाज पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। अब पूरे विश्व को शांति चाहिए। उदाहरण के तौर पर रशिया-यूक्रेन के बाद यूरोपियन देशों ने मुद्रास्फीती के उतार-चढ़ाव के बारे में जाना। अब हमास भी इस चीज को समझ गया है और वो भी शांति चाहता है।

इसलिए पूरे विश्व में शांति स्थापित होने से ही विकास संभव है। आइएसएम के 98वें स्थापना दिवस की शुभकामना दी और दो वर्ष बाद शताब्दी वर्ष धूमधाम से मनाने की अग्रिम बधाई दी। यह भी कहा कि किसी एक उपलब्धि से हमें प्रसन्न नहीं हो जाना चाहिए, बल्कि आगे और बेहतर करने का प्रयास करना चाहिए।

स्थापना दिवस समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि Jharkhand के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन, विशिष्ट अतिथि सांसद पीएन सिंह, बीओजी चेयरमैन प्रो.प्रेम व्रत, आइएसएम के निदेशक प्रो.जेके पटनायक, सिंफर निदेशक प्रो.एके मिश्रा ने दीप प्रज्जवलित कर किया। निदेशक और चेयरमैन ने संस्थान की उपलब्धियों एवं भावी योजनाओं के बारे में बताया। सांसद पीएन सिंह ने कहा कि स्थापना दिवस समारोह में आकर उन्हें खुशी मिल रही है। इस दौरान मुख्य अतिथि ने संस्थान के 73 फैकेल्टी, छात्रों, कर्मचारियों एवं रिसर्च स्कालर्स को सम्मानित करेंगे।

25 वर्ष सेवा पूरी कर चुके कर्मचारी व फैकेल्टी हुए सम्मानित

समारोह में 25 वर्ष सेवा पूरी कर चुके 11 कर्मचारी व फैकेल्टी, 16 रिसर्च स्कालर को इंदर मोहन थापर रिसर्च अवार्ड, विश्व के दो प्रतिशत श्रेष्ठ विज्ञानियों की सूची में शामिल 30 प्रोफेसर, तीन प्रोफेसर को स्पेशल कैटेगरी अवार्ड, चार महिला प्रोफेसर को वूमेन अचीवर्स अवार्ड, चार छात्रों को स्टूडेंट अचीवर्स अवार्ड और सात को प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप अवार्ड दिया गया। वूमेन अचीवर्स अवार्ड पाने वालद महिला प्रोफेसर में प्रो.रजनी सिंह, प्रो.रश्मि सिंह, प्रो.सौम्या चावला एवं प्रो.स्वप्नित कृष्णा शामिल थीं।

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