कोडरमा : झारखंड में जैक बोर्ड की परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में नई जानकारियाँ सामने आई हैं। पेपर लीक के मामले में कोडरमा प्रशासन अब सक्रिय हो गया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त मेघा भारद्वाज के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है। डीडीसी ऋतुराज के नेतृत्व में टीम ने इस मामले में गहरी छानबीन शुरू कर दी है। एसडीओ रिया सिंह और एसडीपीओ अनिल कुमार सिंह भी इस जांच में शामिल हो गए हैं और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए पेपर लीक करने वाले संदिग्धों की पहचान कर रहे हैं।
कोचिंग संचालक प्रशांत साव की संलिप्तता
जांच में यह सामने आया कि इस पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी कोडरमा के मरकच्चो के जामु निवासी प्रशांत साव है, जो प्रज्ञा उच्च विद्यालय के नाम से एक कोचिंग संस्थान चलाता है। प्रशांत ने बताया कि एक युवक प्रिंस राणा, जो मरकच्चो का रहने वाला है, ने उसे 20-25 विज्ञान के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए थे। इन प्रश्नपत्रों को लेकर उसने मॉडल सेट पेपर की मदद से एक नया सैंपल पेपर तैयार किया था, जो जैक बोर्ड की परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों से हू-ब-हू मेल खाता था। फिलहाल, पुलिस प्रिंस राणा की तलाश कर रही है और उसकी गिरफ्तारी के बाद ही मामले का पूरा पर्दाफाश होने की संभावना है।
पेपर लीक का सूत्रधार मूक-बधिर प्रिंस राणा
प्रशांत से पूछताछ के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि प्रिंस राणा मूक-बधिर है और इस साल जैक की 10वीं बोर्ड परीक्षा देने वाला था। लेकिन किसी कारणवश वह बैंगलुरु में था और परीक्षा में शामिल नहीं हो सका। इस बीच, सवाल यह उठता है कि एक मूक-बधिर छात्र के पास जैक बोर्ड के प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले कैसे पहुंचे? इस मामले में पुलिस और प्रशासन की जांच पूरी तरह से जारी है, और प्रिंस राणा की गिरफ्तारी के बाद और भी सच्चाई सामने आ सकती है।
प्रिंस की मां के खाते में आ रहे पैसे
जांच में यह भी सामने आया कि जिस व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से प्रश्नपत्र लीक हो रहे थे, उसमें बारकोड के माध्यम से पैसे लेन-देन हो रहे थे, और यह पैसे मरकच्चो के नारियाही गांव निवासी प्रिंस राणा की मां आरती देवी के खाते में जा रहे थे। इस से जुड़ी जानकारी मिलते ही पुलिस ने मामले की गंभीरता को बढ़ते हुए जांच तेज कर दी है। इसके अलावा यह भी पता चला कि प्रिंस का मोबाइल कुछ दिनों पहले खो गया था और जिस नंबर से व्हाट्सएप ग्रुप चल रहा था, प्रिंस ने उसे ब्लॉक नहीं कराया था और न ही इसकी सूचना पुलिस को दी थी।
यूट्यूब लिंक के जरिए हर विषय का प्रश्नपत्र हुआ वायरल
पेपर लीक मामले में आरोपी प्रशांत साव के व्हाट्सएप ग्रुप में एक यूट्यूब लिंक शेयर किया गया था, जिसमें जैक बोर्ड की 10वीं परीक्षा के सभी विषयों के प्रश्नपत्र उपलब्ध थे। इस लिंक के जरिए पूरे राज्य में छात्रों को प्रश्नपत्र मुहैया कराया गया। उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने कहा कि इस मामले की जांच तेजी से की जा रही है और मरकच्चो थाना में मामला दर्ज कर दो लोगों की गिरफ्तारी भी की गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोषागार से प्रश्नपत्र लीक होने की बात को उन्होंने नकारते हुए कहा कि सभी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाती है और जांच दल ने उसमें किसी तरह की अनियमितता नहीं पाई है।
सभी पहलुओं की हो रही गहरी पड़ताल
जानकारी के अनुसार इस मामले की जांच के लिए गठित टीम ने महाराष्ट्र और देवघर में भी छानबीन शुरू कर दी है, जहां से आरोपी से जुड़े कुछ सुराग मिल रहे हैं। सभी मामलों की जानकारी जैक द्वारा बनाई गई समिति को दे दी गई है और जांच रिपोर्ट जल्द ही सौंपी जाएगी।

