Jamshedpur : टाटा स्टील के कर्मचारियों के बहुप्रतीक्षित ग्रेड रिवीजन समझौते को लेकर यूनियन और प्रबंधन के बीच लगातार बैठकों का दौर जारी है। लगातार तीसरे दिन बुधवार को भी दोनों पक्षों के बीच दिन के दोनों सत्रों में मैराथन वार्ता हुई। कर्मचारियों के एमजीबी और ग्रेड के समय अंतराल को लेकर प्रबंधन यूनियन के बीच तनातनी की स्थिति बनी रही । इस बार भी वेज रिवीजन समझौता सात वर्षों की अवधि के लिए ही होगा।
संभावना है कि एमजीबी भी पिछले बार से अधिक मिलेगा। क्योंकि 2018 के पहले के दो समझौते में बेसिक में शत प्रतिशत डीए का मर्जर कर एमजीबी दिया गया था। तब यूनियन अध्यक्ष रहे रघुनाथ पांडेय के समय 21 प्रतिशत और पीएन सिंह के समय 18.25 प्रतिशत एमजीबी मिला था। वर्ष 2018 के ग्रेड रिवीजन समझौता में डीए फ्रीज किए जाने के कारण बेसिक में शत प्रतिशत डीए इसबार मर्ज नहीं होगा। यूनियन ने इसको आधार बनाकर पिछले बार मिले 12.75 एमजीबी से अधिक मांग है।
बताया जा रहा है कि प्रबंधन भी इस तर्क से सहमत है। इसबार वेज रिवीजन समझौता में टीपीआर भी नये स्वरूप में होगा। कई भत्तों के भी स्वरूप बदले होंगे। एनएस ग्रेड के कर्मचारियों के एफडीए और डीए प्रति प्वाइंट वैल्यू में भी वृद्धि होना तय है। इधर वार्ता के बाद डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह ने यूनियन पदाधिकारियों के साथ बैठक किया और बताया कि ओल्ड सीरीज के एमजीबी पर सहमति नहीं बनी है। एनएस ग्रेड पर अभी कोई चर्चा नहीं हुई है। ओल्ड सीरीज पर सहमति बनने के बाद एनएस सीरीज पर सहमति बन जाएगी।

