
जमशेदपुर: कोल्हान विश्वविद्यालय (केयू) प्रशासन की उदासीनता के कारण इसके अंतर्गत संचालित सरकारी (अंगीभूत/कांस्टीट्यूट) बीएड कॉलेजों में बीते 20 वर्षों से शिक्षकों का सामूहिक स्थानांतरण नहीं हो सका है। विश्वविद्यालय के सिंडिकेट और सीनेट द्वारा पारित प्रस्तावों के तहत शैक्षणिक व प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और संतुलन बनाए रखने के लिए समय-समय पर स्थाई शिक्षकों का स्थानांतरण किया जाता है। अस्थाई शिक्षकों के मामले में इस नियम का पालन नहीं किए जाने से एक ही संस्थान में सालों से जमे शिक्षकों के कारण व्यवस्था में ठहराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसके अलावा कई जगहों पर व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार की शिकायतें आ रही हैं।
रोटेशन नीति का नहीं हो रहा पालन
शिक्षक रोटेशन नीति का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों (जैसे चाईबासा व बहरागोड़ा) और शहरी क्षेत्रों (जमशेदपुर) के कॉलेजों के बीच पठन-पाठन के स्तर को समान बनाए रखना था। सिंडिकेट का मानना रहा है कि समय-समय पर स्थानांतरण होने से शिक्षण व्यवस्था में ताजगी आती है और सभी शैक्षणिक संस्थानों को अनुभवी शिक्षकों का लाभ समान रूप से मिलता है। परंतु लंबे समय से इस दिशा में कोई सामूहिक पहल न होने से शिक्षकों और छात्र संगठनों के बीच भी असंतोष पनप रहा है।
विवि ने कहा, स्थानांतरण पर होगा विचार
वहीं शिक्षकों के स्थानांतरण पर कोल्हान विवि प्रशासन के एक आला अधिकारी के कहा कि इस पर जल्द विचार किया जाएगा। राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 के प्रभावी होने का हवाला देते हुए हाल के दिनों में उच्च शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के स्थानांतरण प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। विभाग इसे लेकर जल्द एक गाइडल लाइन जारी करने वाला है। इसके बाद ही विवि में बीएड या दूसरे शिक्षकों का स्थानांतरण किया जाएगा। मालूम हो कि पहले स्थनांतरण की प्रक्रिया विवि के स्तर पर ही हो जाती थी। लेकिन नए अधिनियम के बाद कोई भी विवि अभी इस दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है।
नियुक्ति के समय से ही जमे ही कई शिक्षक
कोल्हान विवि के बीएड कॉलेजों की बात करें तो इसमें 40 से अधिक शिक्षक कार्यरत है। इसमें से कई शिक्षक ऐसे हैं जो अपने नियुक्ति काल से ही एक ही कॉलेज में जमे हुए हैं। इसकी वजह से ये कॉलेजों में अपनी मनमर्जी चलाते हैं। यही वजह है कि अब इनके स्थानांतरण की मांग उतने लगी है।
इन सरकारी/अंगीभूत कॉलेजों में होती है बीएड की पढ़ाई :
1. जमशेदपुर कोऑपरेटिव कॉलेज, जमशेदपुर
2. द ग्रेजुएट स्कूल कॉलेज फॉर वूमेन, जमशेदपुर
3. महिला कॉलेज, चाईबासा
4. बहरागोड़ा कॉलेज, बहरागोड़ा
मानदेय के लिए सांकेतिक भिक्षाटन करेंगे आवश्यकता आधारित शिक्षक
कोल्हान विश्वविद्यालय के आवश्यकता आधारित (नीड बेस्ड) शिक्षकों का लंबे समय से बकाया मानदेय का भुगतान न होने पर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन को चेतावनी देते हुए संगठन के अध्यक्ष डॉ राकेश पांडे ने कहा है कि यदि मंगलवार, 4 अगस्त 2026 तक शिक्षकों के लंबित मानदेय का भुगतान नहीं किया गया, तो वे बुधवार को विश्वविद्यालय मुख्यालय परिसर में सांकेतिक भिक्षाटन करेंगे। संगठन के अनुसार, मानदेय न मिलने से शिक्षकों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कई बार गुहार लगाने के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है। संगठन के अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण भिक्षाटन प्रदर्शन के जरिए वे प्रशासन का ध्यान शिक्षकों की दयनीय स्थिति की ओर आकृष्ट कराएंगे। यदि इसके बाद भी मानदेय जारी नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

